FFI 2025 Day 2: मास्टर क्लास, राउंड टेबल और टैलेंट शोकेस में झलका भारत का क्रिएटिव पावर
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गोवा/ #IFFIWood, 22 नवंबर 2025
56 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह (IFFI 2025) के दूसरे दिन गोवा में रचनात्मकता, तकनीक, डिप्लोमेसी और स्टार पावर का शानदार संगम देखने को मिला। दिनभर चली मास्टर क्लास, फिल्म मेकिंग चैलेंज, एम्बेसडर्स राउंडटेबल और ‘सिनेमा एंड कल्चर’ पर विशेष वार्ता ने इस महोत्सव को वैश्विक फिल्म उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में शुमार करने का संदेश दिया।
कला अकादमी, गोवा में आयोजित मास्टर क्लास सीरीज़ का शुभारंभ केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने दीप प्रज्वलित कर किया।इस बार उद्घाटन समारोह आम जनता के लिए भी खुला रखा गया—यह IFFI की पहुंच को जनसामान्य तक ले जाने का महत्वपूर्ण कदम है।
ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी और कनाडा से आए प्रतिभागियों ने भी इस मंच पर हिस्सा लिया।
डॉ. मुरुगन ने कहा कि “भारत वैश्विक फिल्म प्रोडक्शन में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। मास्टर क्लास जैसे मंच युवाओं के लिए अमूल्य अवसर हैं।”
क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो (CMOT) के पांचवें संस्करण में 125 युवा फिल्ममेकर 48 घंटे के हाई-प्रेशर चैलेंज फिल्म मेकिंग में जुट गए हैं।
डॉ. मुरुगन और सूचना एवं प्रसारण सचिव श्री संजय जाजू ने युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया और मुंबई में स्थापित होने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
IFFI का रेड कार्पेट इस बार भी ग्लैमर, स्टारडम और दर्शकों के जोश से भरपूर रहा।
● गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत
● अनुपम खेर, जैकी श्रॉफ
● मनोज बाजपेयी और द फैमिली मैन की टीम
● फिल्मकार मुजफ्फर अली
वर्ल्ड, एशिया और इंडिया प्रीमियर ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और मीडिया को खूब आकर्षित किया।
IFFI के एम्बेसडर्स’ राउंड टेबल में विभिन्न देशों के राजनयिक शामिल हुए।
बैठक में को-प्रोडक्शन, टेक पार्टनरशिप और नीतिगत सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई।
सचिव श्री संजय जाजू ने बताया कि भारत तेजी से वैश्विक प्रोडक्शन हब बन रहा है, जबकि डॉ. मुरुगन ने कहा कि—
“मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर 2025 में 31.6 बिलियन डॉलर के स्तर को छू लेगा।”
सरकार वीएफएक्स, एनीमेशन और एंटी-पायरेसी में विशेष सुधार कर रही है।
मुजफ्फर अली और शाद अली की बातचीत में भारतीय सिनेमा के दो दौर—क्लासिक और मॉडर्न—की खूबसूरती और चुनौतियों पर संवाद हुआ।
रवि कोट्टाराकरा द्वारा सम्मान के बाद शुरू हुए इस सत्र ने यादों, रचनात्मकता और भारतीय फिल्म परंपरा में हुए बदलावों पर गहरी चर्चा पेश की।
1952 में शुरू हुआ IFFI अब दक्षिण एशिया का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोह है।
NFDC और गोवा सरकार द्वारा आयोजित यह त्योहार
इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं, रिस्टोर्ड क्लासिक्स, मास्टरक्लास, WAVES फिल्म बाज़ार और क्रिएटिव एक्सपेरिमेंट्स का अनोखा संगम पेश करता है।
20–28 नवंबर तक गोवा का समुद्री तट
क्रिएटिविटी, सिनेमा और वैश्विक सहयोग का सबसे चमकदार केंद्र बना रहेगा।




