जेएनयू में नक्सलवाद के विरोध में प्रदर्शन और पुतला दहन

25 November, 2025, 10:15 pm

 

आज जेएनयू परिसर में नक्सलवाद और माओवादी हिंसा के समर्थन में हाल ही में उठी गतिविधियों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में छात्रों ने इसमें भाग लेकर ‘हिडमा अमर रहे’ जैसे नारों और माओवादी विचारों के महिमामंडन का विरोध किया।

बीते दिनों दिल्ली में प्रदूषण विरोधी प्रदर्शन के दौरान कुछ तत्वों द्वारा माओवादी हिडमा के समर्थन में नारे लगाए गए और उसके पक्ष में पर्चे बांटे गए। विद्यार्थियों ने इसे भारतीय सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान का अपमान बताया और कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। किसी भी सामाजिक मुद्दे या आंदोलन को हिंसक विचारधारा फैलाने का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।

अभाविप जेएनयू ने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जेएनयू राष्ट्रहित, लोकतांत्रिक मूल्यों और शैक्षणिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और विश्वविद्यालय परिसर में या बाहर, कहीं भी आतंकवादी विचारधाराओं और नक्सली हिंसा का समर्थन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अभाविप जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि हिडमा जैसे खूनी आतंकी के समर्थन में नारे लगाना सुरक्षा बलों का अपमान है और छात्र समुदाय इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा।

अभाविप जेएनयू मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि नक्सलवाद एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है और ऐसी विचारधाराओं का वैचारिक और लोकतांत्रिक रूप से मुकाबला करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जेएनयू हमेशा सुरक्षा बलों के साथ और माओवादी हिंसा के खिलाफ खड़ा रहेगा।