रूस के राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा भारत के बाजारों के लिए सुनहरा अवसर - CTI

5 December, 2025, 10:09 pm

रूस के राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा भारत के बाजारों के लिए सुनहरा अवसर  लेकर आया है - CTI

भारत का रूस को सालाना निर्यात 5 अरब डॉलर से बढ़कर 10 अरब डॉलर हो सकता है और कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स,  मशीनरी , समुद्री उत्पादों, डिफेंस आदि सेक्टरों में भारत - रूस के बीच व्यापार की अपार संभावनाएं - CTI

अमेरिका के साथ बदलते जा रहे व्यापार समझौते के बीच भारत, रूस के बाजार को साधने की तैयारी में है,
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए देश और दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि भारत अभी रूस में सालाना 5 अरब डॉलर का का निर्यात करता है,
जबकि चीन, रूस को प्रति वर्ष लगभग 115 अरब डॉलर का सामान निर्यात करता है जिनमें कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी जैसे बहुत आइटम्स हैं जिनका निर्यात भारत भी रूस में कर सकता है।

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार की अपार संभावनाएं बनती जा रही है और उम्मीद है कि आने वाले भविष्य में भारत से रूस को सालाना निर्यात 5 अरब डॉलर से बढ़कर 10 अरब डॉलर हो सकता है ,

भारत अभी रूस में सिर्फ 7.5 करोड़ डाॅलर के स्मार्टफोन का निर्यात करता है जबकि भारत स्मार्टफोन का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक व निर्यातक देश बन चुका है।
इसके अलावा भारत, रूस में सिर्फ 24.5 करोड़ डॉलर की दवाएं निर्यात करता है जबकि फार्मा सेक्टर में भारत के लिए और अधिक संभावनाएं बन सकती हैं।
इसके अलावा भारत से सिर्फ 2.9 करोड़ डॉलर का कपड़ा रूस में निर्यात होता है जो कि उम्मीद से काफी कम है।
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि बहुत सारे सेक्टर ऐसे हैं जिनमें भारत रूस में अपने उत्पादों का निर्यात बढ़ा सकता है इसलिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा से भारतीय उत्पादों का निर्यात बहुत अधिक बढ़ सकता है क्योंकि दोनों देशों के बीच स्थानीय करेंसी में  लेनदेन की सुविधा भी धीरे धीरे शुरू हो रही है ।

CTI का मानना है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत पर 50% शुल्क लगाने के बाद अमेरिकी बाजार में भारत का निर्यात गिर रहा है इसकी भरपाई के लिए रूस एक बड़ा विकल्प हो सकता है।

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि एक तरफ जहां रूस के लिए भारत डिफेंस सेक्टर में रक्षा उपकरणों के लिए एक बड़ा बाजार होने के साथ साथ रूस, भारत में रक्षा उपकरणों का निर्माण भी शुरू कर सकता है, वहीं दूसरी ओर रुस भी भारत से समुद्री उत्पादों का आयात करने में दिलचस्पी दिखा सकता है।