जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज इज़राइल और जॉर्डन के पहले आधिकारिक दौरे पर, अब्बास से भी की बातचीत

बर्लिन/यरुशलम (dpa) — जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार मध्य-पूर्व के दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वे जॉर्डन और इज़राइल की आधिकारिक यात्रा कर रहे हैं। रवाना होने से पहले मर्ज ने फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से फोन पर भी बातचीत की।
मर्ज की पहली यात्रा जॉर्डन की राजधानी अम्मान में होगी, जहां उनकी मुलाकात जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से तय है। इसके बाद वे यरुशलम जाएंगे, जहां उनका स्वागत इज़राइली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग करेंगे। रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी उनकी मुलाकात प्रस्तावित है।
अपनी यात्रा के दौरान मर्ज यद वाशेम होलोकॉस्ट स्मारक पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। यह जर्मनी के हर नए चांसलर की इज़राइल की पहली यात्रा का एक परंपरागत हिस्सा रहा है, जो होलोकॉस्ट की ऐतिहासिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।
इस दौरे का मुख्य फोकस हालिया महीनों में जर्मनी-इज़राइल के बीच तनावपूर्ण हुए संबंधों को सुधारना और गाज़ा में जारी संघर्षविराम को मज़बूत करना है। मर्ज गाज़ा में बंधक रहे कुछ पूर्व लोगों और हमास की कैद में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मुलाकात करेंगे।
फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों का दौरा नहीं करेंगे मर्ज
बर्लिन से रवाना होने से पहले मर्ज और राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि बातचीत के जरिए “दो-राज्य समाधान” ही इज़राइल और फ़िलिस्तीन के बीच स्थायी शांति और सुरक्षा का सबसे बेहतर रास्ता है। हालांकि नेतन्याहू की दक्षिणपंथी सरकार इस समाधान का विरोध करती रही है।
मर्ज ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाज़ा शांति योजना के प्रति समर्थन भी जताया और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के सहयोगी रुख का स्वागत किया। उन्होंने यह भी कहा कि गाज़ा में युद्ध के बाद की व्यवस्था में अब्बास प्रशासन को सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए आवश्यक सुधार करने होंगे।
हालांकि इस दौरे के दौरान मर्ज फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों का दौरा नहीं करेंगे।
जर्मनी, अमेरिका के साथ, इज़राइल का एक करीबी सहयोगी माना जाता है। इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि मर्ज ने मई में पद संभालने के बाद करीब सात महीने बाद यह दौरा किया है। इससे पहले ओलाफ शोल्ज़ ने मात्र तीन महीने के भीतर और एंजेला मर्केल ने दो महीने के अंदर ही अपनी पहली इज़राइल यात्रा कर ली थी।
बताया जा रहा है कि गाज़ा युद्ध के कारण मर्ज ने अपनी यात्रा को टाल दिया था, लेकिन अब करीब छह सप्ताह से इज़राइल और हमास के बीच संघर्षविराम लागू है, जिससे यह दौरा संभव हो सका है।
यह यात्रा न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि यह आने वाले समय में मध्य-पूर्व शांति प्रक्रिया में जर्मनी की भूमिका को भी रेखांकित करेगी।




