चंडीगढ़ प्रेस क्लब में रविवार को एक व्यापक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया,

चंडीगढ़, 7 दिसंबर।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में रविवार को एक व्यापक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसका संचालन वन बीट मेडिकल ग्रुप ट्रस्ट के सहयोग से किया गया। इस जनहितकारी पहल को क्लब के सदस्यों और उनके परिजनों का जबरदस्त समर्थन मिला और लगभग 350 से अधिक लोगों ने शिविर में भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
स्वास्थ्य शिविर के तहत करीब 250 सदस्यों के विभिन्न पैथोलॉजिकल टेस्ट किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से रिनल फंक्शन टेस्ट (RFT), लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), लिपिड प्रोफाइल, थायरॉयड प्रोफाइल, ब्लड शुगर टेस्ट, विटामिन पैनल और कम्पलीट ब्लड काउंट (CBC) सहित अन्य आवश्यक जांचें शामिल रहीं। मौके पर अनुभवी चिकित्सकों की टीम मौजूद रही, जिन्होंने मरीजों की स्वास्थ्य रिपोर्ट के आधार पर परामर्श दिया। जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं।
शिविर में एक विशेष नेत्र जांच अनुभाग भी स्थापित किया गया, जहां लगभग 250 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान जिन मरीजों को इसकी आवश्यकता पाई गई, उन्हें निःशुल्क रीडिंग ग्लासेस (चश्मे) भी वितरित किए गए। इस पहल से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को बड़ा लाभ मिला।
इस अवसर पर वन बीट मेडिकल ग्रुप ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन बहादुर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्हें चंडीगढ़ प्रेस क्लब की गवर्निंग काउंसिल की ओर से सम्मानित किया गया। बहादुर सिंह ने बताया कि उनका ट्रस्ट पंजाब, उत्तर प्रदेश और अमेरिका के ओरेगन राज्य में चैरिटेबल अस्पताल, ब्लड बैंक, नर्सिंग संस्थान, फार्मेसी और पैरामेडिकल संस्थान संचालित कर रहा है, जिनका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस शिविर को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म निर्देशक और पीनाका मीडिया वर्क्स के संस्थापक ओजस्वी शर्मा का भी विशेष सहयोग मिला, जिन्होंने इस तरह के समाजहितकारी कार्यों को समय की आवश्यकता बताया।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब की ओर से कहा गया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि क्लब के सदस्य और उनके परिवार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। प्रेस क्लब ने वन बीट मेडिकल ग्रुप ट्रस्ट, मेडिकल टीम, स्वयंसेवकों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए इस आयोजन को पूर्णतः सफल बताया।
यह शिविर न केवल स्वास्थ्य जांच का माध्यम बना, बल्कि समाज के लिए एक जागरूकता संदेश भी था कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद आवश्यक है।




