इज़राइल-ज़र्मनी रक्षा सहयोग में “ऐतिहासिक परिवर्तन”: पीएम नेतन्याहू

यरुशलम | 7 दिसंबर 2025 (DPA)
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जर्मनी के साथ रक्षा सहयोग के क्षेत्र में एक “ऐतिहासिक परिवर्तन” आया है। यह टिप्पणी उन्होंने यरुशलम में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से मुलाकात के बाद की। उनका यह बयान जर्मनी द्वारा इज़राइल से खरीदे गए अत्याधुनिक Arrow-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के संदर्भ में आया।
नेतन्याहू ने कहा कि अपने गठन के बाद से ही इज़राइल ने अपने दुश्मनों का सामना किया है और अब उसने इतनी क्षमता विकसित कर ली है कि वह दूसरों की भी रक्षा में मदद कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से कहा —
“अब केवल जर्मनी इज़राइल की रक्षा के लिए काम नहीं कर रहा, बल्कि होलोकॉस्ट के 80 साल बाद — यहूदी राष्ट्र इज़राइल जर्मनी की रक्षा के लिए काम कर रहा है। यही वह ऐतिहासिक परिवर्तन है।”
हाल ही में जर्मनी के अन्नाबुर्गर हाइडे क्षेत्र में Arrow-3 एयर डिफेंस सिस्टम की प्रारंभिक संचालन क्षमता (Initial Capability) घोषित की गई। यह प्रणाली पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर ही आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और नष्ट करने में सक्षम है। इसे रूस से उत्पन्न संभावित खतरे के मद्देनज़र खरीदा गया है।
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच रक्षा सहयोग को आगे कैसे बढ़ाया जाए, इस पर दोनों देशों के बीच चर्चा जारी है। उन्होंने उच्च तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में इज़राइल और जर्मनी को दुनिया के सबसे अग्रणी देशों में बताया।
“अगर हम साथ मिलकर काम करते हैं तो हम सिर्फ अपने नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और विशेष रूप से मध्य पूर्व के लिए बेहतर भविष्य बना सकते हैं।”
गौरतलब है कि जर्मनी ने अगस्त 2025 में गाज़ा पट्टी में इज़राइली सैन्य अभियान को लेकर चिंताओं के चलते अस्थायी रूप से कुछ हथियारों के निर्यात पर रोक लगा दी थी। हालांकि नवंबर में यह प्रतिबंध आंशिक रूप से हटा लिया गया।
इस पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने स्पष्ट किया कि:
“इस निर्णय के बावजूद, इज़राइल और उसकी सुरक्षा के प्रति हमारा मूलभूत रवैया न तो पहले बदला था और न ही अब बदला है। इज़राइल को सैन्य सहयोग और समर्थन हमारी प्राथमिकता बनी हुई है।”
यह बयान दोनों देशों के रिश्तों में गहराते रणनीतिक और सैन्य सहयोग का संकेत देता है, जो वर्तमान वैश्विक सुरक्षा हालात में और भी अहम माना जा रहा है।




