श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप गायब होने के मामले में इंसाफ ज़रूरी

नई दिल्ली, 8 दिसंबर: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के गायब होने के मामले में पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि उम्मीद है कि इस एफआईआर के दर्ज होने के बाद इस मामले में न्याय मिलेगा।
आज यहाँ मीडिया से बातचीत करते हुए कमेटी के प्रधान सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब सबका गुरु है और इस मामले में पंजाब विधानसभा के स्पीकर श्री कुलतार सिंह संधवां द्वारा किए गए कार्य का वे स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में हुई कानूनी कार्रवाई से पूरे पंथ को संतोष मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से संगत कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही थी और अब कार्रवाई होने से पंथ के दिलों को ठंडक मिली है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी चुनावों में सरना बंधुओं ने पहले 328 स्वरूपों के लापता होने का मुद्दा उठाया था, पर आज पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली है, जिससे साबित होता है कि वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा करते थे। उन्होंने कहा कि सरना बंधुओं को अब इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज अकाली दल बहुत बड़े कटघरे में खड़ा हो चुका है, जिसका जवाब सरना बंधुओं के पास नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पाँच वर्षों से विभिन्न सिख जत्थेबंदियाँ 328 स्वरूपों के लापता होने के मामले पर धरने दे रही थीं, पर अब जब एफआईआर दर्ज हो गई है तो सभी जत्थेबंदियों के मन में बड़ा विश्वास पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे इस एफआईआर का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरा मामला, जो किताब के संदर्भ में हुआ है, उसमें भी वे कार्रवाई का स्वागत करते हैं।
सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि गुरु साहिबानों के बारे में गलत प्रचार नहीं होना चाहिए, पर इस पुस्तक के माध्यम से गलत प्रचार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि पिछले पाँच वर्षों से शिरोमणि कमेटी कार्रवाई से बचती रही थी और अब जाकर एफआईआर दर्ज होने से इस केस में न्याय की उम्मीद बंधी है।




