जर्मनी के चांसलर मर्ज का बड़ा बयान: यूक्रेन ने अमेरिकी शांति योजना पर दी जवाबी पेशकश, क्षेत्रीय रियायतों पर भी चर्चा

12 December, 2025, 9:35 am

 

बर्लिन/कीव –(DPA) रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही कूटनीतिक हलचलों के बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गुरुवार को पुष्टि की कि यूक्रेन ने अमेरिका की नवीनतम शांति योजना पर अपना आधिकारिक जवाब भेज दिया है, जिसमें क्षेत्रीय रियायतों पर भी चर्चा शामिल है। यह पहली बार है जब किसी वरिष्ठ यूरोपीय नेता ने सार्वजनिक रूप से इस संवेदनशील पहलू का उल्लेख किया है।

मर्ज ने बर्लिन में NATO महासचिव मार्क रुटे के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कीव ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह विस्तृत जवाब भेजा।

मर्ज के अनुसार,
“यूक्रेन ने बताया है कि वह किन क्षेत्रीय समझौतों के लिए तैयार हो सकता है। लेकिन इसका अंतिम निर्णय यूक्रेनी राष्ट्रपति और यूक्रेनी जनता को ही करना है।”

उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप के साथ बुधवार को हुई बातचीत में यही स्पष्ट संदेश दिया।

ट्रंप को अभी पूरी जानकारी नहीं थी

ट्रंप ने बुधवार देर रात यह जानकारी दी कि उन्होंने मर्ज, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से यूक्रेन की स्थिति पर बात की। लेकिन मर्ज का कहना है कि यूक्रेन की अंतिम प्रस्तावित प्रतिक्रिया ट्रंप को कॉल के समय तक ज्ञात नहीं थी।

उन्होंने कहा कि सप्ताहांत में अमेरिका और यूरोप के बीच संयुक्त बैठक संभव है। इसके बाद बर्लिन में अगले सप्ताह उच्चस्तरीय बैठक भी हो सकती है, बशर्ते अमेरिका भागीदारी के लिए तैयार हो।

अमेरिकी 28-बिंदु योजना पर तीखी आलोचना

ट्रंप प्रशासन की मूल 28-बिंदु शांति योजना को कई विश्लेषकों ने “रूसी इच्छा सूची” कहा था, क्योंकि इसमें:

  • यूक्रेन को नाटो सदस्यता छोड़ने की शर्त,

  • सेना का आकार सीमित करने का प्रस्ताव,

  • और पूर्वी हिस्से के उन क्षेत्रों से वापसी की मांग थी जो यूक्रेन अभी नियंत्रित कर रहा है।

इसके बदले रूस से आगे हमला न करने की प्रतिबद्धता मांगी गई थी।

इस योजना का यूक्रेन पहले ही विरोध कर चुका है और कीव तथा अमेरिकी अधिकारियों के बीच पिछले एक महीने से संशोधित प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है।

नाटो महासचिव का चेतावनी भरा संदेश

बर्लिन में रुटे ने सख्त बयान देते हुए कहा कि अगर रूस यूक्रेन में सफल होता है, तो “हम अगले निशाने पर होंगे।” उन्होंने नाटो देशों को चेताया कि युद्ध को रोकने के लिए अब निर्णायक तैयारी जरूरी है।

रुटे ने रक्षा खर्च बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नाटो देशों को कम से कम GDP का 3.5% रक्षा पर और 1.5% रक्षा-संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश करना होगा।

उन्होंने कहा:
“बहुत से नाटो देश स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रहे। समय हमारे पक्ष में नहीं है।”