नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ से आरम्भ हुआ प्रेरणा विमर्श 2025

नोएडा से ब्रॉडकास्ट मंत्रा की रिपोर्ट
नोएडा सेक्टर-62 स्थित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान में बुधवार को नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ के साथ ‘प्रेरणा विमर्श 2025 – नवोत्थान के नए क्षितिज’ का विधिवत शुभारम्भ हुआ। प्रेरणा शोध संस्थान न्यास द्वारा पिछले छह वर्षों से आयोजित किया जा रहा यह छठा प्रेरणा विमर्श है, जिसमें समाज में नारी की भूमिका, राष्ट्र निर्माण में उसकी सहभागिता और सांस्कृतिक नवजागरण पर केंद्रित चर्चाएँ होंगी।
कार्यक्रम की शुरुआत 35 कुण्डीय भव्य यज्ञ से हुई, जिसमें 250 से अधिक माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वैदिक अनुष्ठान का संचालन श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय, चोटीपुरा (अमरोहा) की वेदपाठी कन्याओं द्वारा हुआ। यज्ञ का मूल संदेश था— “सशक्त और सुसंस्कृत नारी ही परिवार और समाज की धुरी है।”
मुख्य अतिथियों का संबोधन
नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल की संस्थापक एवं संचालिका सुमेधा जी ने कहा कि नारी ही समाज की जीवनरेखा है। नारी सशक्त होगी तो परिवार, समाज और राष्ट्र—सभी सशक्त होंगे। उन्होंने रामायण काल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यज्ञ हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने वाली प्रेरक परंपरा है।
प्रेरणा विमर्श 2025 की सचिव मोनिका चौहान ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि 12 से 14 दिसंबर तक चलने वाले इस विमर्श में नारी कर्तव्य, सामाजिक दायित्व, परिवार केंद्रित नेतृत्व और नवोत्थान पर विविध सत्र आयोजित होंगे।
प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, अध्यक्ष मंडल के प्रमुख अनिल त्यागी, नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ की संयोजिका प्रवेश शर्मा और डॉ. नीलम भी मंच पर उपस्थित रहीं।
संघ की 100 वर्ष की यात्रा प्रदर्शनी का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समाज-निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों और योगदानों को दर्शाया गया है।
‘प्रेरणा विमर्श 2025’ का यह शुभारंभ नारी चेतना, वैदिक परंपरा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन विभिन्न विचार-विमर्श और सांस्कृतिक सत्रों के साथ आगे बढ़ेगा।




