यूक्रेन युद्ध पर वार्ता: जेलेंस्की और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बर्लिन पहुँचे

बर्लिन, 15 दिसंबर 2025— यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की रविवार को बर्लिन पहुँचे और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से चांसलरी में मुलाकात की। यह बैठक यूक्रेन में संघर्षविराम को लेकर होने वाली नई दौर की वार्ताओं से पहले हुई। dpa के पत्रकार के अनुसार, बातचीत बंद दरवाजों के पीछे शुरू हुई।
इससे पहले अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी बर्लिन पहुँचे। दोनों को रविवार सुबह बर्लिन के एक केंद्रीय होटल में प्रवेश करते देखा गया। उम्मीद है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, यूक्रेनी अधिकारियों और प्रमुख यूरोपीय शक्तियों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापक चर्चा होगी।
प्रारंभिक स्तर पर वार्ताएँ सलाहकार स्तर पर होंगी और अभी यह सार्वजनिक नहीं किया गया है कि मेज पर कौन-से ठोस प्रस्ताव रखे गए हैं। यूक्रेनी पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप की शांति योजना में बदलाव को लेकर उनके नवीनतम प्रस्तावों पर अमेरिका की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने माना कि कोई भी शांति योजना सभी पक्षों को संतुष्ट नहीं कर सकती, लेकिन यूक्रेन को वार्ता में मज़बूत स्थिति में बताया।
जेलेंस्की ने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, यह स्वीकार करते हुए कि सभी पक्ष नाटो सदस्यता के समर्थन में नहीं हैं। इसी दौरान नाटो में यूरोप के शीर्ष सैन्य अधिकारी, अमेरिकी जनरल एलेक्सस ग्रिन्केविच भी बर्लिन पहुँचे।
रूस की प्रतिक्रिया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने रूसी सरकारी टेलीविजन पर बर्लिन वार्ताओं को लेकर नकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ट्रंप की शांति योजना में यूक्रेन और यूरोपीय शक्तियों का योगदान “शायद ही रचनात्मक” होगा। उशाकोव ने स्पष्ट किया कि रूस अपनी क्षेत्रीय मांगों से पीछे नहीं हटेगा, जिनमें डोनेत्स्क और लुहांस्क के उन हिस्सों से कीव की पूर्ण वापसी भी शामिल है, जिन पर रूसी सेनाओं का अभी कब्ज़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि मास्को में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई है और अमेरिकी पक्ष रूसी रुख को “समझता” है। उशाकोव ने यह भी दोहराया कि यूक्रेन की नाटो सदस्यता और 2014 में रूस द्वारा अधिग्रहित क्रीमिया को वापस लेने की जेलेंस्की की आकांक्षाएँ पूरी नहीं हो सकतीं।
बर्लिन में कूटनीतिक हलचल
dpa संवाददाताओं के अनुसार, यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री रुस्तेम उमेरोव और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ एंड्री ह्नातोव भी बर्लिन पहुँचे। चांसलरी में जर्मन चांसलर के विदेश एवं सुरक्षा नीति सलाहकार गुएंटर साउटर ने उनका स्वागत किया।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने सुबह एक होटल में प्रारंभिक बैठकें कीं। जेलेंस्की की प्राथमिकता विटकॉफ के साथ ट्रंप की 28-बिंदु शांति योजना पर अपने 20-बिंदु प्रति-प्रस्ताव पर चर्चा करना है। नवंबर के अंत में जारी ट्रंप की योजना ने कीव और उसके सहयोगियों को इसलिए चिंतित किया था क्योंकि उसमें क्रेमलिन के कई रुखों की झलक थी।
आगे की वार्ताएँ
बुधवार को चांसलर मर्ज़, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने यूक्रेन स्थिति पर ट्रंप से फोन पर बातचीत की थी। मर्ज़ ने कहा कि उन्हें यह “दृढ़ आभास” मिला है कि ट्रंप यूरोप के साथ इस रास्ते पर आगे बढ़ने को तैयार हैं।
सोमवार को भी बर्लिन वार्ताओं का केंद्र बना रहेगा। शाम को मर्ज़ और जेलेंस्की अन्य शीर्ष पश्चिमी नेताओं—मैक्रों, स्टारमर, यूरोपीय संघ और नाटो के प्रतिनिधियों—के साथ परामर्श करेंगे।




