पंजाब–यूके एंगेजमेंट स्ट्रैटेजिक यूनाइटेड किंगडम के साथ मजबूत और व्यापक साझेदारी

16 December, 2025, 6:58 pm

चंडीगढ़, 16 दिसंबर:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित पंजाब–यूके एंगेजमेंट स्ट्रैटेजिक डायलॉग की अध्यक्षता करते हुए यूनाइटेड किंगडम के साथ मजबूत और व्यापक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से उन कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही, जिनमें अब तक पर्याप्त संभावनाओं का उपयोग नहीं हुआ है।

ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा स्मेरिग्लियो तथा यूके से जुड़े और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पारंपरिक के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में भी यूके के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देना चाहता है। उन्होंने बताया कि राज्य ने सहयोग के पाँच प्रमुख स्तंभ तय किए हैं—उच्च शिक्षा, वस्त्र, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स और एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग। इसके साथ ही फार्मास्यूटिकल्स व हेल्थकेयर, सूचना प्रौद्योगिकी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और बिजनेस सर्विसेज जैसे नए क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पंजाब की क्षमताओं पर आधारित एक विस्तृत डोजियर साझा करते हुए कहा कि राज्य में पाँच हवाई अड्डों और सुदृढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के कारण विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब का कुशल मानव संसाधन, प्रतिस्पर्धी एवं शांतिपूर्ण श्रम वातावरण निवेश के लिए अनुकूल है।

भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य में एकीकृत निवेश सुविधा तंत्र लागू है, जहां Invest Punjab सिंगल रेगुलेटर के रूप में तय समय-सीमा में सभी आवश्यक मंजूरियां ‘डीम्ड अप्रूवल’ व्यवस्था के तहत देता है। उन्होंने फास्ट-ट्रैक पोर्टल और सिंगल-विंडो पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करते हुए—जिनमें से कई का पंजाब से भावनात्मक और पैतृक जुड़ाव भी है—उन्हें पंजाब में निवेश शुरू करने या विस्तार करने का आह्वान किया। उन्होंने यूके निवेशकों के लिए ‘रेड कार्पेट’ स्वागत का आश्वासन देते हुए कहा कि मजबूत अवसंरचना, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और निवेशक-अनुकूल नीतियां पंजाब को आदर्श निवेश गंतव्य बनाती हैं।

उन्होंने यूके के निवेशकों को मोहाली में होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट (PPIS) 2026 में भाग लेने का निमंत्रण दिया और समिट में यूके-केंद्रित विशेष सत्र प्रस्तावित किया। बैठक में टाइनर, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बेडफोर्ड स्कूल, मुंजाल बर्मिंघम यूनिवर्सिटी, गंगा एक्रोवूल्स, नेटस्मार्ट्ज़, रॉकपेक्कर सहित कई कंपनियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूके से बढ़ता निवेश पंजाब के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा। उन्होंने पराली प्रबंधन और हरित समाधान से जुड़ी तकनीकों एवं परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सतत पर्यावरणीय प्रयासों के चलते राज्य के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 70 से नीचे आ गया है।

उन्होंने ‘पहल’—ग्रामीण महिलाओं के लिए शुरू की गई स्वयं सहायता समूह पहल—का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह चीन को दुनिया की फैक्ट्री कहा जाता है, उसी तरह पंजाब ग्रामीण महिलाओं को औद्योगिक और विनिर्माण विकास की मजबूत रीढ़ बनाना चाहता है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में दो सिविल एविएशन क्लब हैं, जो विमानन कौशल और कनेक्टिविटी पर फोकस को दर्शाते हैं।

पंजाब और यूके के ऐतिहासिक व भावनात्मक रिश्तों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम भारत—विशेषकर पंजाब—का विश्वसनीय साझेदार रहा है। उन्होंने यूके विश्वविद्यालयों से मोहाली व अन्य शहरों में कैंपस स्थापित कर संयुक्त शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया। साथ ही, उद्योग जगत और पंजाबी प्रवासी समुदाय से ‘पंजाब के ब्रांड एम्बेसडर’ बनकर निवेश आकर्षित करने की अपील की। उन्होंने उद्योग जगत की ओर से पहले उठाई गई मोहाली–लंदन सीधी उड़ान की मांग का भी समर्थन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरण, साइकिल निर्माण और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए विश्वविख्यात है। यूके कंपनियों के साथ सहयोग से इन क्षेत्रों को वैश्विक वैल्यू चेन से और बेहतर ढंग से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की निवेश के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट है और पंजाब व्यापार से आगे बढ़कर नवाचार, स्थिरता और कौशल विकास में भी यूके के साथ साझेदारी बढ़ाने को तत्पर है।

इस अवसर पर ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर अल्बा स्मेरिग्लियो ने द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने की आशा व्यक्त की। उन्होंने पंजाबी प्रवासी कारोबारियों के साथ काम करने के अनुभव को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि पंजाब और यूके के बीच बहुआयामी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।