3000 से अधिक विद्यार्थियों ने आईसीपीई 2025 में भाग लिया, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ने किया उद्घाटन

19 December, 2025, 10:26 am



रोपड़,  19 दिसंबर :  3000 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता के साथ अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी शिक्षा सम्मेलन 2025 (आईसीपीई 2025) का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ में किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का उद्घाटन भारत सरकार के प्रो. अजय कुमार सूद, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, द्वारा किया गया।

इस अवसर पर प्रो. राजीव आहूजा, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ ने प्रो. अजय कुमार सूद का संस्थान में स्वागत किया और उन्हें संस्थान में हो रहे अनुसंधान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों की जानकारी दी। प्रो. सूद इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि भी हैं।

बातचीत के दौरान प्रो. राजीव आहूजा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री, स्वच्छ ऊर्जा, कृषि प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा में नवाचार जैसे अग्रणी क्षेत्रों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ के बढ़ते योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये प्रयास सशक्त उद्योग सहभागिता और राष्ट्रीय अभियानों के सहयोग से आगे बढ़ रहे हैं। प्रो. अजय कुमार सूद ने अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के प्रति संस्थान के समन्वित दृष्टिकोण की सराहना की और शैक्षणिक अनुसंधान को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ने के महत्व पर बल दिया।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रो. राजीव आहूजा ने कहा, “भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ में प्रो. अजय कुमार सूद का स्वागत करना हमारे लिए गौरव की बात है। एक अग्रणी अनुसंधान और नवाचार संस्थान के रूप में, हम भौतिकी और अंतर-विषयक विज्ञान में अपनी क्षमताओं को निरंतर सुदृढ़ कर रहे हैं, ताकि राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों का समाधान किया जा सके। आईसीपीई 2025 अनुसंधान-आधारित शिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भौतिकी शिक्षा को आगे बढ़ाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

प्रो. राजीव आहूजा, जो स्वयं एक प्रतिष्ठित भौतिक विज्ञानी हैं और जिनका शोध अनुभव अत्यंत व्यापक है, ने संस्थान में मौलिक एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी अनुसंधान पर विशेष बल दिए जाने की जानकारी साझा की। वे विश्व के सर्वाधिक उद्धृत शोधकर्ताओं में शामिल हैं और भारत व स्वीडन के शीर्ष पाँच सामग्री वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने प्रायोगिक और सैद्धांतिक भौतिकी, अंतर-विषयक सहयोग, अनुसंधान-आधारित शिक्षण तथा वैश्विक सहभागिता के माध्यम से भौतिकी शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु चल रहे प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

प्रो. अजय कुमार सूद ने संकाय सदस्यों और सम्मेलन प्रतिभागियों से भी संवाद किया तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, अनुवादात्मक अनुसंधान और नवाचार-आधारित विकास के माध्यम से भारत के विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए।

आईसीपीई 2025 के अंतर्गत 17 और 18 दिसंबर को सक्रिय शिक्षण, भौतिकी शिक्षा अनुसंधान, क्वांटम शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम शिक्षण तथा लैंगिक समानता जैसे विषयों पर पूर्ण सत्र और आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किए गए। भारतीय भौतिकी शिक्षा में समावेशन पर केंद्रित एक प्रमुख पैनल चर्चा भी सम्मेलन का हिस्सा रही।


18 दिसंबर को सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण पद्म श्री से सम्मानित प्रो. एच. सी. वर्मा की खुली बातचीत रही, जिसमें मासाई विद्यालय के श्री प्रतीक शुक्ला, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ की प्रो. शिल्पी चौधरी तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस संवाद को प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इससे प्रयोगात्मक अधिगम, अवधारणात्मक स्पष्टता तथा भारत में भौतिकी शिक्षा के भविष्य पर गहन चर्चा हुई।

आईसीपीई 2025, जो 16 से 20 दिसंबर तक चलने वाला पाँच-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है, में 3000 से अधिक विद्यार्थी एक साथ जुड़े हैं। सम्मेलन के अभी दो दिन शेष हैं, जिनमें भौतिकी शिक्षा में नए रुझान, क्वांटम प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उद्योग–अकादमिक सहभागिता और भविष्य के लिए तैयार पाठ्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चाएँ जारी रहेंगी।

आईसीपीई 2025 तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के इस उच्च-स्तरीय दौरे जैसे आयोजनों के माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ नवाचार-प्रेरित अनुसंधान, वैश्विक शैक्षणिक सहयोग और विज्ञान एवं अभियांत्रिकी शिक्षा में उत्कृष्टता के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।