हरियाणा में मजबूत हुआ स्वास्थ्य ढांचा, मरीजों को मिल रहा बेहतर इलाज

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार का मानना है कि ‘स्वास्थ्य सबका अधिकार है’, और इसी सोच के अनुरूप नीतियां बनाई गई हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी के प्रश्न के उत्तर में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनके चलते आम जनता को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में एलोपैथी चिकित्सकों की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य में औसतन 1,225 लोगों पर एक एलोपैथी डॉक्टर उपलब्ध है। यदि आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी पद्धति के चिकित्सकों को भी शामिल किया जाए, तो यह अनुपात और बेहतर होकर 819 लोगों पर एक डॉक्टर का हो जाता है। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है।
आरती राव ने अस्पतालों और बिस्तरों की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 11 वर्ष पहले हरियाणा में केवल 700 अस्पताल बेड उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 2,710 हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इसी तरह जिला अस्पतालों और उप-मंडलीय (सब-डिविजनल) अस्पतालों की संख्या पहले 56 थी, जो अब बढ़कर 74 हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की संख्या भी 109 से बढ़कर 122 हो चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार के गठन के बाद राज्य में मुफ्त डायलिसिस सेवा शुरू की गई, जिससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई डॉक्टर डेप्यूटेशन पर तैनात है, तब भी वह अपनी सेवाएं दे रहा है और मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को समान, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।




