स्क्वैश विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम को खेल मंत्री ने किया सम्मानित

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बुधवार को ऐतिहासिक स्क्वैश विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम को सम्मानित किया। जोशना चिनप्पा, अभय सिंह, वेलवन सेंथिलकुमार और अनाहत सिंह की मिश्रित टीम ने पिछले शनिवार को चेन्नई में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा।
इस जीत के साथ भारत ने अपना पहला स्क्वैश विश्व कप खिताब अपने नाम किया। टीम ने 2023 संस्करण में जीते गए कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में भारत ने शीर्ष वरीयता प्राप्त हांगकांग को 3-0 से हराया और स्क्वैश विश्व कप जीतने वाला चौथा देश बन गया। इसके साथ ही भारत ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और मिस्र जैसे दिग्गज देशों की सूची में शामिल हो गया।
खिलाड़ियों को बधाई देते हुए डॉ. मांडविया ने इसे “भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि भारत खेल के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और हाल के समय में विभिन्न खेलों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि अपनी धरती पर विश्व कप जीतना और पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच न हारना टीम की मेहनत और समर्पण को दर्शाता है।
भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत मिले सहयोग से भी लाभ हुआ है। इस योजना के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय अनुभव, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रदर्शन सुधार से जुड़े सुझावों ने खिलाड़ियों की तैयारी को मजबूत किया है।
युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह ने इस सफलता का श्रेय चेन्नई के दर्शकों के समर्थन को दिया। 17 वर्षीय अनाहत ने कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ विश्व कप खेलना उनके लिए एक बेहतरीन सीखने का अनुभव रहा।
विश्व कप जीत के बाद भारतीय टीम की नजर अब एशियाई खेल 2026 और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर है, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल होगा। अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने कहा कि इस जीत से आगामी एशियाई खेलों से पहले टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
(इनपुट- PIB)




