पुतिन पर व्यंग्यात्मक झांकियों को लेकर जर्मन कलाकार पर रूस में आपराधिक मुकदमा, 30 दिसंबर को पहली सुनवाई

पुतिन पर व्यंग्यात्मक झांकियों को लेकर जर्मन कलाकार पर रूस में आपराधिक मुकदमा, 30 दिसंबर को पहली सुनवाई
इनपुट( DPA)
मॉस्को। रूस की एक अदालत ने जर्मनी के प्रसिद्ध मूर्तिकार और व्यंग्य कलाकार जैक्स टिली के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में पहली सार्वजनिक सुनवाई की तारीख तय कर दी है। अदालत के अनुसार यह सुनवाई 30 दिसंबर को होगी। टिली रूस में मौजूद नहीं हैं, इसलिए मुकदमे की कार्यवाही उनके बिना (इन एब्सेंटिया) चलेगी।
रूसी अदालत का कहना है कि जैक्स टिली पर रूसी सेना को “बदनाम” करने का आरोप है। यह मामला उनके उन व्यंग्यात्मक कार्निवल फ्लोट्स (झांकियों) से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर तीखा और विवादास्पद व्यंग्य किया था। रूसी कानून के तहत इस अपराध में जुर्माने से लेकर 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
अदालत के मुताबिक यह मामला औपचारिक रूप से 15 दिसंबर को दर्ज किया गया था। बुधवार सुबह एक प्रारंभिक सुनवाई बंद कमरे में हुई, लेकिन अदालत की प्रवक्ता ने इसके ब्योरे देने से इनकार कर दिया।
जैक्स टिली जर्मनी के डसेलडॉर्फ शहर में होने वाली श्रोव मंडे (रोज़ेनमोंटाग) परेड की व्यंग्यात्मक झांकियों के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। यह परेड जर्मनी के कार्निवल सीजन का प्रमुख आकर्षण मानी जाती है। टिली की झांकियां अपने तीखे व्यंग्य, डार्क ह्यूमर और उकसाने वाली कल्पनाओं के कारण अक्सर जर्मन और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रहती हैं।
कार्निवल परेड में राजनीतिक नेताओं का मज़ाक उड़ाना एक पुरानी परंपरा है। वर्ष 2022 में टिली ने एक झांकी बनाई थी, जिसमें पुतिन को यूक्रेन को निगलने की कोशिश करते दिखाया गया था और उस पर लिखा था—“Choke on it!”। अन्य झांकियों में रूसी राष्ट्रपति को खून से सना हुआ भी दर्शाया गया।
रूस में इस तरह के आरोपों का इस्तेमाल पहले भी यूक्रेन युद्ध के खिलाफ बोलने वाले कई आलोचकों को सजा दिलाने के लिए किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और रूस की “न्यायिक व्यवस्था के हथियारकरण” के उदाहरण के तौर पर देखा जाता है।
रूसी समाचार पोर्टल ओस्तोरोज़्नो नोवोस्ती के अनुसार, अभियोजकों का आरोप है कि टिली ने रूसी सेना के बारे में “फर्जी जानकारी” फैलाई और यूक्रेन पर हमले के दौरान पुतिन की भूमिका को लेकर उनका अपमान किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये कृत्य निजी स्वार्थ और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित थे।
हालांकि जैक्स टिली ने इस मामले को पूरी तरह बेतुका बताया है। जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अपनी झांकियों को लेकर धमकियां मिलने के आदी हैं।
टिली ने कहा, “यह कि रूस जैसा एक पूर्णतावादी राज्य अब मुझे निशाना बना रहा है, यह जरूर नया अनुभव है।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इससे कोई डर नहीं है।
उन्होंने स्वीकार किया कि अब वह उन देशों की यात्रा नहीं कर पाएंगे जिनके रूस के साथ प्रत्यर्पण समझौते हैं, लेकिन उनके मुताबिक यह कीमत उन रूसी असंतुष्टों की तुलना में बहुत छोटी है, जो जेलों में बंद हैं और कहीं ज्यादा यातनाएं झेल रहे हैं।




