जर्मनी के कैथोलिक बिशप की क्रिसमस पर चेतावनी: बढ़ता राष्ट्रवाद खतरनाक
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INPUT( DPA)
जर्मनी में कैथोलिक बिशपों के प्रमुख बिशप जॉर्ज बैट्सिंग ने क्रिसमस के अवसर पर दिए अपने उपदेश में बढ़ते राष्ट्रवाद को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया आपस में इतनी जुड़ी हुई है कि अलग-थलग रहना या “हम पहले” जैसे नारों के साथ आगे बढ़ना संभव नहीं है।
लिंबर्ग कैथेड्रल में दिए गए अपने उपदेश में बिशप बैट्सिंग ने सवाल उठाया,
“यह नया स्वार्थी राष्ट्रवाद, जिसका नारा है ‘हम पहले’, आखिरकार हमें कहां ले जाएगा?”
उन्होंने कहा कि क्रिसमस का संदेश—ईश्वर का एक असहाय बच्चे के रूप में जन्म लेना—ताकतवरों के सत्ता-खेलों के मुकाबले एक सच्चा विकल्प पेश करता है। बिशप बैट्सिंग के अनुसार, यह संदेश शक्ति के प्रदर्शन के बजाय विनम्रता, करुणा और सेवा का रास्ता दिखाता है।
64 वर्षीय बिशप ने कहा,
“मैं स्वीकार करता हूं कि यह विचार मुझे हमेशा व्यक्तिगत रूप से आकर्षित करता रहा है और इसी ने मुझे विश्वास करने के लिए प्रेरित किया। जिस ईश्वर में ईसाई विश्वास करते हैं, वह इतना स्वतंत्र है कि वह अपनी सारी दिव्य शक्ति तक छोड़ देता है।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ईसाई धर्म में क्रिसमस को यीशु मसीह के जन्म के रूप में मनाया जाता है, जो ईसाई मान्यता के अनुसार एक साधारण मानव के रूप में पृथ्वी पर आए थे।
बिशप बैट्सिंग का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब यूरोप समेत दुनिया के कई हिस्सों में राष्ट्रवाद और अलगाववादी सोच तेज़ होती जा रही है। उनके अनुसार, क्रिसमस का मूल संदेश आज की वैश्विक राजनीति के लिए भी एक नैतिक दिशा प्रदान करता है।




