निजी पटाखों पर प्रतिबंध की मांग तेज

28 December, 2025, 10:58 am

इनपुट -(DPA)

नए साल से पहले जर्मनी में निजी पटाखों और आतिशबाजी पर प्रतिबंध को लेकर बहस तेज हो गई है। जर्मन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष क्लाउस राइनहार्ड ने निजी तौर पर पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध की जोरदार मांग की है। उनका कहना है कि हर साल लापरवाही से पटाखे जलाने के कारण गंभीर चोटें होती हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

आरएनडी मीडिया ग्रुप को दिए बयान में राइनहार्ड ने कहा, “सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित नियंत्रित और आधिकारिक आतिशबाजी से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन अवैध और निजी पटाखों पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।”

उन्होंने केंद्र और प्रांतीय सरकारों से तत्काल कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि जनता को पटाखों से जुड़े खतरों से बचाना अब जरूरी हो गया है। जर्मनी में कानून के तहत 29 से 31 दिसंबर के बीच ही पटाखों की बिक्री की अनुमति है।

कई जर्मन नागरिकों के लिए पटाखे जलाना अब परेशानी का सबब बन चुका है, खासकर पशु अधिकार और पर्यावरण संगठनों के लिए। बर्लिन जैसे बड़े शहरों में तो नए साल की रात का माहौल अक्सर “युद्ध क्षेत्र” जैसा बताया जाता है।

निजी पटाखों पर प्रतिबंध के समर्थकों में पुलिस यूनियन GdP भी शामिल है। यूनियन का कहना है कि नए साल के जश्न के दौरान पुलिसकर्मियों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

राइनहार्ड ने स्पष्ट किया कि निजी पटाखों पर प्रतिबंध का “प्रतिबंध संस्कृति” से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह “एक परिपक्व समाज की पहचान है, जो यह समझता है कि कब खतरनाक चीजों से दूरी बनानी चाहिए।”

उन्होंने चेतावनी दी कि अनियंत्रित पटाखों से बार-बार गंभीर चोटें होती हैं, जिनमें बच्चे और युवा सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। धमाके से होने वाली चोटें, आंखों को नुकसान और जलने के मामले आम हैं।

“इससे अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड भर जाते हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा प्रणाली पर करोड़ों यूरो का अतिरिक्त बोझ पड़ता है,” राइनहार्ड ने कहा।