बांधवगढ़ की बाघिन का स्थानांतरण: मध्य प्रदेश–राजस्थान पर्यटन कनेक्टिविटी को नई दिशा

जयपुर/भोपाल:
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाई गई तीन वर्षीय बाघिन को सफलतापूर्वक मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया है। यह कदम न केवल राज्य में बाघ संरक्षण को मजबूत करता है, बल्कि राजस्थान—विशेषकर जयपुर और अन्य प्रमुख शहरों—से आने वाले पर्यटकों के लिए मध्य प्रदेश को एक प्रमुख वन्यजीव पर्यटन गंतव्य के रूप में भी प्रस्तुत करता है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व:जैव विविधता एवं पर्यटन महत्व
इस बाघिन को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से पकड़ा गया था और मानव–वन्यजीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किया गया। हाल के दिनों में बाघिन गांवों के आसपास देखी जा रही थी और मवेशियों पर हमला कर रही थी। उसके स्थानांतरण के बाद अब माधव राष्ट्रीय उद्यान में दो नर बाघों सहित कुल छह वयस्क बाघ और दो शावक हो गए हैं, जिससे इस उद्यान का जैव विविधता और पर्यटन महत्व और बढ़ गया है।
“राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन संबंध
इस अवसर पर प्रबंधक कुणाल सिंह ने कहा कि इस तरह की संरक्षण उपलब्धियों को पड़ोसी राज्यों, विशेषकर राजस्थान, में प्रचारित किया जाना चाहिए ताकि पर्यटन कनेक्टिविटी को और मजबूती मिल सके।
उन्होंने कहा, “राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन संबंध पहले से ही मजबूत हैं। जयपुर, कोटा, उदयपुर और अन्य शहरों से आने वाले वन्यजीव प्रेमी बांधवगढ़, कान्हा और अब माधव राष्ट्रीय उद्यान जैसे स्थलों में विशेष रुचि दिखाते हैं। बाघिन का यह सफल स्थानांतरण संरक्षण की एक सकारात्मक कहानी है, जिसे हम राजस्थान के मीडिया और पर्यटन जगत तक पहुंचाना चाहते हैं।”
मध्य प्रदेश : ‘भारत का टाइगर स्टेट
कुणाल सिंह ने बताया कि ‘भारत का टाइगर स्टेट’ कहलाने वाला मध्य प्रदेश, राजस्थान के विरासत और मरुस्थलीय पर्यटन को पूरक करने वाले विविध वन्यजीव अनुभव प्रदान करता है। जयपुर, कोटा, ग्वालियर, शिवपुरी और भोपाल के बीच बेहतर सड़क और रेल संपर्क के कारण माधव राष्ट्रीय उद्यान अब राजस्थान के पर्यटकों के लिए एक सहज और आकर्षक पर्यटन स्थल बनता जा रहा है।
पर्यटन अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की संरक्षण से जुड़ी सकारात्मक खबरों को राजस्थान के मीडिया माध्यमों में प्रमुखता से स्थान देने से जिम्मेदार वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और दोनों राज्यों के बीच सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग जयपुर स्थित मीडिया संस्थानों, ट्रैवल ऑपरेटर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर बांधवगढ़, माधव राष्ट्रीय उद्यान और अन्य अभयारण्यों को जोड़ने वाले वन्यजीव पर्यटन सर्किट को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की योजना बना रहा है।
पर्यावरण-संवेदनशील और सतत पर्यटन में बढ़ती रुचि के बीच, बांधवगढ़ की बाघिन का यह स्थानांतरण मध्य प्रदेश की वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो साथ ही राजस्थान के साथ पर्यटन संबंधों को और गहरा करने का माध्यम भी बन रहा है।




