जर्मनी की सुस्त आर्थिक वृद्धि से शीर्ष कंपनियों की कमाई पर भारी असर, 2025 बना ‘संकट का साल’: EY रिपोर्ट

INPUT (DPA)
जर्मनी की कमजोर आर्थिक वृद्धि का असर 2025 में देश की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों पर गंभीर रूप से देखने को मिला है। कंसल्टिंग फर्म EY की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी की सबसे अधिक टर्नओवर वाली 100 कंपनियों का EBIT (ब्याज और कर से पहले की आय) घटकर 102 अरब यूरो रह गया, जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत कम है।
रिपोर्ट, जिसे जर्मन समाचार एजेंसी dpa ने देखा, बताती है कि इन शीर्ष 100 कंपनियों का कुल राजस्व मामूली बढ़त के साथ 0.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.55 ट्रिलियन यूरो रहा। हालांकि यह वृद्धि महंगाई दर से कम रही, जिससे वास्तविक रूप से कंपनियों की आय में गिरावट दर्ज की गई। करीब आधी कंपनियों का मुनाफा पिछले वर्ष की तुलना में घटा है।
EY के विशेषज्ञ जान ब्रोरहिल्कर ने कहा,
“2025 जर्मन अर्थव्यवस्था के लिए एक और संकट का साल साबित हुआ।”
उनके मुताबिक जर्मनी की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। इसके साथ ही भू-राजनीतिक संघर्ष, अमेरिकी व्यापार नीतियां और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक नए निवेश से बच रहे हैं। वहीं, चीनी कंपनियों की वैश्विक बाजार में आक्रामक मौजूदगी से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और लागत पर दबाव बना है।
ब्रोरहिल्कर ने कहा कि
“मजबूत निर्यात पर निर्भर जर्मन औद्योगिक कंपनियों के लिए 2025 आसान नहीं रहा।”
नौकरियों पर भी असर
रिपोर्ट में बताया गया है कि कई बड़ी कंपनियां नई भर्तियों पर रोक लगा रही हैं। खासतौर पर प्रशासनिक विभागों में नौकरियों में कटौती की जा रही है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल का असर भी श्रम बाजार पर साफ दिख रहा है।
EY विशेषज्ञ के अनुसार,
“लेबर मार्केट की स्थिति तनावपूर्ण बनी रह सकती है, खासकर युवा प्रोफेशनल्स के लिए।”
ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में
जर्मनी के लिए बेहद अहम ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी संकट के संकेत मिले हैं। वोक्सवैगन, BMW और मर्सिडीज-बेंज जैसी दिग्गज कंपनियों का संयुक्त टर्नओवर साल-दर-साल आधार पर 2 प्रतिशत घटकर करीब 437.2 अरब यूरो रह गया।
केमिकल सेक्टर की स्थिति और भी खराब रही, जहां मुनाफे में 71 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, आईटी और हेल्थ सेक्टर ने तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन किया।
टेलीकॉम सेक्टर की मजबूती
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉयचे टेलीकॉम जर्मनी की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनी रही। साल के पहले नौ महीनों में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 9 प्रतिशत बढ़कर 19.4 अरब यूरो पहुंच गया।
कुल मिलाकर, EY की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि जर्मनी की अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट सेक्टर फिलहाल कई मोर्चों पर दबाव में है, और आने वाले समय में सुधार के लिए नीतिगत स्थिरता और निवेश भरोसे की बहाली जरूरी होगी।




