ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर नाटो की भूमिका बढ़ाने के पक्ष में जर्मन चांसलर मर्ज़, अमेरिका से भागीदारी की उम्मीद

ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर नाटो की भूमिका बढ़ाने के पक्ष में जर्मन चांसलर मर्ज़, अमेरिका से भागीदारी की उम्मीद
भारत दौरे के दौरान अहमदाबाद से दिया बयान
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा है कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा मजबूत करने के लिए नाटो की मौजूदगी बढ़ाई जानी चाहिए और इसमें अमेरिका की सक्रिय भागीदारी भी होनी चाहिए। भारत दौरे के दौरान सोमवार को अहमदाबाद में दिए बयान में मर्ज़ ने कहा,
“हम अमेरिका की इस चिंता से सहमत हैं कि डेनमार्क के इस हिस्से (ग्रीनलैंड) को बेहतर सुरक्षा की जरूरत है। हम मिलकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना चाहते हैं और मुझे उम्मीद है कि अमेरिका भी इसमें शामिल होगा।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर रहे हैं। मर्ज़ ने कहा कि वह नाटो के भीतर इस मुद्दे का “मैत्रीपूर्ण समाधान” चाहते हैं और अमेरिका की भूमिका किस हद तक होगी, यह आने वाले दिनों और हफ्तों की बातचीत से तय होगा।
आर्कटिक में नाटो की मौजूदगी बढ़ाने का प्रस्ताव
हाल के दिनों में ब्रिटेन समेत कई नाटो देशों ने आर्कटिक क्षेत्र में गठबंधन की मौजूदगी बढ़ाने का समर्थन किया है। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, “आर्कटिक सेंट्री” नाम से एक निगरानी मिशन का प्रस्ताव भी सामने आया है, जिसका उद्देश्य इस रणनीतिक क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों का सामूहिक समाधान करना है।
ट्रंप के बयानों से बढ़ा विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर नियंत्रण जरूरी है और उन्होंने इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जर्मनी के उप-चांसलर और वित्त मंत्री लार्स किंगबाइल ने कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
डेनमार्क का हिस्सा, लेकिन स्वायत्त
ग्रीनलैंड की आबादी 57,000 से भी कम है। यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है, लेकिन आंतरिक मामलों में इसे व्यापक स्वायत्तता प्राप्त है। हालांकि, रक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले डेनमार्क सरकार के अधीन रहते हैं।
इनपुट - DPA




