अवैध रेहड़ी-पटरी व अतिक्रमण के विरुद्ध एकजुट हुए पुरानी दिल्ली के व्यापारी संगठन

आज पुरानी दिल्ली के लगभग 100 व्यापारी संगठनों के अध्यक्ष एवं महासचिव दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन, कॉन्फ्रेंस हॉल, चाँदनी चौक, दिल्ली में एकत्रित हुए। बैठक का मुख्य विषय सड़कों, गलियों व बायलेंस पर अवैध रेहड़ी-पटरी एवं अतिक्रमण की गंभीर समस्या रहा।
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि अवैध अतिक्रमण के कारण व्यापार ठप होता जा रहा है, वर्षों से टैक्स देने वाले दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, पैदल यात्रियों एवं ग्राहकों को भारी असुविधा हो रही है तथा आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी बाधित हो रही है। बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा केवल दिखावटी कार्रवाई की जाती है, जिससे कुछ ही घंटों में स्थिति पुनः पूर्ववत हो जाती है।
प्रथम चरण में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय
विस्तृत विचार-विमर्श के पश्चात निम्नलिखित दो महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए ।पहला नगर निगम दिल्ली (MCD) के आयुक्त एवं दिल्ली पुलिस आयुक्त को अवैध अतिक्रमण एवं रेहड़ी-पटरी के विरुद्ध कठोर, स्थायी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित ज्ञापन दिया जाएगा।साथ ही संबंधित अधिकारियों से प्रत्यक्ष मुलाकात का भी प्रयास किया जाएगा।
शांतिपूर्ण विरोध मार्च
दूसरा यदि संबंधित विभागों द्वारा केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई की गई और अवैध अतिक्रमण पर स्थायी व सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापारियों ने सर्वसम्मति से शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है:
4 फरवरी को दोपहर बाद बड़ा टूटी चौक, सदर बाजार में एकत्रित होगे ।
व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यदि इसके बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की रणनीति एवं आंदोलन के निर्णय अगले चरण में घोषित किए जाएंगे।सभी संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे रोज़गार के विरोध में नहीं, बल्कि अवैध, अनियंत्रित अतिक्रमण, भ्रष्टाचार और वर्षों पुराने वैध व्यापार को समाप्त करने वाली नीतियों के विरुद्ध हैं।




