वित्त मंत्री का बजट हलवा हरियाणा के लिए कड़वा: अशोक बुवानीवाला

चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस उद्योग सैल के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता अशोक बुवानीवाला ने कहा कि जिस शौक से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में हलवा सेरेमनी करके आम बजट पेश किया, वह ना तो देश की जनता के उम्मीदों के अनुरुप रहा और ना ही हरियाणा प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा। एक तरह से वित्त मंत्री का संसद में बजट हलवा हरियाणा के लिए कड़वा ही साबित हुआ। बजट पेश करने से पहले के बड़े दावों की बजट पेश होने के दौरान हवा निकल गई।
आम बजट पर प्रतिक्रिया में अशोक बुवानीवाला ने कहा कि हरियाणा को ना कोई नई रेल दी, ना उद्योगों को कोई तोहफा दिया, ना इनकम टैक्स में कोई छूट दी और ना ही युवाओं के रोजगार पर कुछ तस्वीर साफ की। इसके बाद भी सरकार बजट पर इतरा रही है। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट में भी विशेष फोकस उन राज्यों पर रहा है, जिनकी बैसाखियों के सहारे भाजपा केंद्र में सत्तासीन है। साथ ही जिन राज्यों में आगामी समय में चुनाव होने हैं। देश के बजट में एक समान किसी राज्य को नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से निराशा से भरा है। बजट पेश करना एक औपचारिकता मात्र नजर आया।
देश में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं की झूठी खुशी से ही बजट अच्छा है, मगर हकीकत में बजट पूरी तरह से लडख़ड़ाया हुआ सा है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े मेडिकल बनाने की बात कर रही है, मगर हरियाणा के प्रमुख शहर गुरुग्राम में भाजपा की सरकार में एक सरकारी सिविल अस्पताल तक नहीं बनाया जा रहा है। मिलेनियम शहर सरकार इसे मानती है, मगर यहां का बस अड्डा तक नहीं बनाया जा रहा। यह हाल उस शहर का है जो कि हरियाणा में सबसे अधिक राजस्व सरकार को देता है। आईएसबीटी बनाने की समय-समय पर बातें जरूरी होती हैं, मगर एक ईंट आज तक नहीं लगाई गई है। मिलेनियम सिटी के लिए यह शर्म की बात है कि यहां का बस अड्डा पोर्टा केबिन में चल रहा है। गर्मी में गर्मी और सर्दी में सर्दी झेलने के लिए लोग मजबूर हैं। राजधानी के साथ लगते शहर की यह हालत है तो फिर सुदूर इलाकों के क्षेत्रों के हालात क्या होंगे इससे अंदाजा लगाया जा सकता है।
अशोक बुवानीवाला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वोटों की राजनीति करती है। वोट लेने के बाद विकास के दावों को भुला देती है। जो राज्य भाजपा की सरकार चलाने में सहयोगी हैं, वे ही देश के बजट में प्रमुख स्थान पाते हैं। भाजपा सरकार की यह नीति सरकार को ले डूबेगी। सरकार के समाज को बांटने के फैसले और बजट में एकतरफा काम करने की नीति भाजपा की सरकार के पतन का कारण बनेगी।




