करदाताओं को मिला भूल चूक का सुरक्षा कवच: मनीष खेमका

मनीष खेमका
चेयरमैन, ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट एवं सदस्य जीएसटी ग्रीवाँस रिड्रेसल कमेटी उप्र
मोदी सरकार ने ईमानदार करदाताओं को भूल चूक सुधारने के लिए बेहतरीन सुरक्षा कवच प्रदान किया है। वे अब बेवजह उत्पीड़न, जुर्माने या ब्याज से बच सकेंगे। इसके लिए आयकर रिटर्न की समय सीमा, अनिवासी भारतीयों के लिए रियायतों को बढ़ाने व दंड को घटाने समेत अनेक प्रावधान किए गए हैं। सराहनीय बात यह है कि आयकर सुनवाई के दौरान भी इनकम टैक्स रिटर्न ख़ुद से सुधारा जा सकेगा और अधिकारियों को सुधारे हुए रिटर्न के अनुसार ही कार्रवाई को समाप्त करना होगा। इस भूल चूक के लिए 10% अतिरिक्त टैक्स देना होगा लेकिन करदाता अनेक झंझट व लेनी-देनी से बच सकेंगे। वित्त वर्ष 2026-27 से 12.75 लाख तक की आय आयकर मुक्त हो सकेगी जिससे मुख्यरूप से नौकरी पेशा करदाताओं को बेहद लाभ होगा।
उप्र की नारी शक्ति को होगा सर्वाधिक लाभ
देश के सभी ज़िलों में गर्ल्स हॉस्टल स्थापित करने का प्रस्ताव मोदी सरकार की नारी सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता का प्रभावी प्रमाण है। इसका सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा। भारत में कुल क़रीब 800 ज़िले हैं जिसमें सबसे अधिक 75 ज़िले उत्तर प्रदेश में हैं। अतः उत्तर प्रदेश में 75 गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे जिससे प्रदेश के पिछड़े ज़िले अधिक लाभान्वित होंगे। लखपति दीदी' योजना के विस्तार के तहत, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को “शी मार्ट्स” रिटेल स्टोर खोलने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। नवंबर 2025 तक प्रदेश की 18.56 लाख से अधिक महिलाएं पहले ही लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वाभाविक रूप से केंद्र सरकार की इस योजना का सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश की महिलाओं को मिलेगा। केंद्रीय बजट की इन सभी योजनाओं से भारत के वर्क फ़ोर्स में नारी शक्ति की सहभागिता और बढ़ेगी।
एमएसएमई उद्यमियों के पास बढ़ेगाी नगदी
भारत के मध्यम एवं लघु उद्योगों को पूंजीगत सहायता देने के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपये के चैंपियन फंड के साथ ही कोविड के दौरान सन् 2020 में बनाए गए 50,000 करोड़ रुपयों के आत्मनिर्भर भारत फंड में 2000 करोड़ रुपये और डाले जाएंगे जिनसे सूक्ष्म उद्यमों को भी सहायता मिलेगी। उद्यमों के बीच भुगतान की तरलता को बढ़ाने के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) को और मज़बूत बनाया जा रहा है। इससे पहले ही 7 लाख करोड़ रूपयों का भुगतान एमएसएमई को किया जा चुका है। विभिन्न कानूनों के अनुपालन को सरल बनाने के लिए मोदी सरकार पहली बार छोटे शहरों में कॉर्पोरेट मित्रों का प्रशिक्षित संवर्ग तैयार कर रही है। यह अपनी तरह की पहली और सराहनीय पहल है।
अब घर बैठे पूरी दुनिया से सामान ख़रीदिए और बेचिए
ई कॉमर्स के माध्यम से पहले सिर्फ़ अधिकतम 10 लाख रुपये का सामान कोरियर के ज़रिए एक्सपोर्ट किया जा सकता था।अब यह सीमा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। इससे छोटे कारोबारी घर बैठे सरलता से किसी भी देश में निर्यात या आयात कर सकेंगे। इससे यूरोपियन यूनियन से डील का सबसे अधिक लाभ भारत को मिलेगा।
इनोवेटिव उपायों से अर्थव्यवस्था होगी और उन्नत
सरकारी उद्यमों की निष्प्रयोज्य संपत्तियों के लिए रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की स्थापना के प्रस्ताव से उनका देश हित में आवश्यकता के अनुरूप सही इस्तेमाल हो सकेगा, रियल एस्टेट बाज़ार में तरलता आएगी, ज़मीनों की अधिक उपलब्धता के कारण फ़्लैटों के दामों में कमी आएगी साथ ही सरकारी संपत्तियों के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार की रोकथाम भी सुनिश्चित हो सकेगी। बड़े शहरों के नगर निकायों को एक हज़ार करोड़ रुपये के बॉन्ड लाने पर सौ करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा से राजस्व की कमी से जूझ रहे शहरों का विकास और तीव्र गति से हो सकेगा। यह कुछ ऐसे इनोवेटिव क़दम है जो भारत की अर्थव्यवस्था को निश्चित ही नए युग में ले जाने के लिए सक्षम हैं।




