मिलान से बेंगलुरु तक साइकिल पर इंसानियत की यात्रा

मिलान से बेंगलुरु तक की यह यात्रा सिर्फ़ हजारों किलोमीटर की दूरी नहीं, बल्कि इंसानियत, संवेदनशीलता और साझा भविष्य की ओर बढ़ता एक अनोखा अभियान है। इटली के मिलान निवासी लुका, जिन्हें दुनिया “लिटिल सियूबेक्का (Little Ciubekka)” के नाम से जानती है, 29 जनवरी 2026 को अपने इस विशेष सफ़र की शुरुआत कर रहे हैं।
आईटी मैनेजर के तौर पर एक सफल करियर छोड़ने के बाद लुका ने अपनी ज़िंदगी को दो पहियों पर सच्ची यात्राओं में बदल दिया। पेटागोनिया से लेकर ग़ज़ा पट्टी तक साइकिल से सफ़र कर चुके लुका का मकसद हमेशा एक रहा—धीरे चलना, लोगों को सुनना और उन समुदायों के लिए आवाज़ बनना जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
इस बार उनकी यात्रा मिलान से हवाई मार्ग से नई दिल्ली तक पहुंचेगी। इसके बाद वे साइकिल से भारत की धरती पर उत्तर से दक्षिण तक सफ़र करेंगे। यह रास्ता किसी तय नक्शे पर नहीं, बल्कि मुलाक़ातों, अनुभवों और कहानियों से तय होगा। उनकी यात्रा उत्तर भारत के मैदानों से लेकर तमिलनाडु और केरल जैसे जीवंत राज्यों से होती हुई बेंगलुरु तक पहुंचेगी।
इस यात्रा का असली उद्देश्य बेंगलुरु में साकार होगा, जहां Ciubekka Tandoori मिशन के तहत बच्चों के लिए समावेशी (Inclusive) खेल मैदान बनाए जाएंगे—ऐसे स्थान जहां हर बच्चा, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, समान रूप से खेल सके और मुस्कुरा सके।
लुका के लिए साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि एक पुल है—संस्कृतियों को जोड़ने वाला, दिलों को करीब लाने वाला और संवाद की शुरुआत करने वाला। उनकी यह तीर्थयात्रा यह सवाल उठाती है कि क्या हम धीमे चलकर, ध्यान से सुनकर और साझा प्रयासों से स्थायी बदलाव ला सकते हैं?
मिलान से बेंगलुरु तक की यह यात्रा यही संदेश देती है कि प्रेम और एकजुटता से प्रेरित एक इंसान भी दुनिया में बच्चों के लिए खुशियों की जगह बना सकता है।




