कृषि बजट में उल्लेखनीय वृद्धि, अनुसंधान और सस्ती खाद पर विशेष ज़ोर

दिल्ली , 7 फरवरी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट में किसान कल्याण, कृषि सुदृढ़ीकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है।
यह बजट आधुनिक कृषि, तकनीक, सिंचाई, भंडारण एवं बाजार तक सीधी पहुँच के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा देगा। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने दिल्ली के गांव अलीपुर और कराला में किसान संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। किसान बंधु धनखड़ ने कहा कि
किसान को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र को समृद्ध करने का यह प्रयास विकसित भारत के लक्ष्य को और गति प्रदान करेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्री धनखड़ ने कहा कि केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र को लगभग एक लाख 30 हजार 561 करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं। कृषि शिक्षा और अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर सहित, के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे शोध और नवाचार को बल मिलेगा।
धनखड़ ने बताया कि किसानों के लिए सस्ता खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए एक लाख 70 हजार 944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, ताकि उत्पादन की लागत कम हो और किसान को राहत मिले।
धनखड़ ने कहा कि 63 हजार 500 करोड़ सीधा पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम के किसानों के बैंक खातों में जाएगा। हर पात्र किसान के खाते छ हजार रुपए वार्षिक। किसानों द्वारा लिए लोन पर ब्याज की भरपाई के लिए 22 हजार 600 करोड़ रुपए की धनराशि देगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यानि जोखिम फ्री खेती पर किसानों के लिए मोदी सरकार 12 हजार 200 करोड़ रुपए खर्च करेगी। किसानों की आय संरक्षण और लाभकारी भाव देने पर 7200 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। कृषि उन्नति योजना, मधु पालन, प्राकृतिक खेती,एफपीओ सहित अन्य कृषि योजनाओं पर मोदी सरकार ने किसानों के हित में बजट में प्रावधान किया है।
बाजार की मांग के अनुसार कैश क्रॉप्स अपनाएं
किसान बंधु औमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि हम मेहनती हैं, अन्न उत्पादन में आगे हैं। पीएम मोदी की सरकार हमारे साथ है। हमें अपने प्रोडक्ट को सीधा ग्राहक को बाजार में बेचना भी सीखना होगा। हमारी आय कई गुना बढ़ जाएगी। घटती जोत के कारण पारंपरिक खेती की बजाए कैश क्रॉप्स जैसे फूल,सब्जी, औषधीय और मसालों की खेती को अपनाना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि फलों और सब्ज़ियों का उत्पादन बढ़ाने और उन्हें आसानी से उपभोक्ता तक पहुँचाने के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं, ताकि किसान को बेहतर दाम और उपभोक्ता को आसान उपलब्धता मिल सके।
खेती और ग्रामीण विकास को तकनीक से जोड़ा
राष्ट्रीय सचिव धनखड़ ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में इस वर्ष 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास और कृषि विभाग को जोड़कर देखें तो ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हज़ार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो गांव और किसान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। खेती और ग्रामीण विकास में पारदर्शिता के लिए तकनीक को बढ़ावा दिया गया है।
विकसित भारत की नींव यह बजट
किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शिता और विज़न से प्रेरित यह बजट वर्ष 2047 के आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत की मजबूत नींव रख रहा है। किसान, युवा, महिला और गरीब – देश की इन चारों जातियों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का यह बजट एक नया अध्याय लिख रहा है।
किसान संवाद कार्यक्रम में पहुंचने पर उत्तर पश्चिम दिल्ली से लोकसभा सांसद योगेश चंदोलिया,विधायक राज करण खत्री,प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा विनोद सहरावत, प्रदेश महामंत्री वेदपाल मान, डिप्टी मेयर जयभगवान यादव,महेश तोमर,संदीप कौशिक, पार्षद दीपक डबास,नरेंद्र सोलंकी,योगेश राणा, दीपक खत्री,रजत चौधरी, जोगेंद्र मान,लक्ष्मण सहित काफी संख्या में किसानों ने औमप्रकाश धनखड़ का जोरदार स्वागत किया। उधर कराला में विष्णु मित्तल प्रदेश महा मंत्री, रामचन्द्र चांवरिया, रमेश श्योकंदा,राजकुमार चौटाला, कराला सत्रह के प्रधान समुद्र सिंह ,कार्यक्रम संयोजक दलबीर माथुर, पूर्व विधायक रामबीर शौकीन व सुखबीर दलाल सहित काफी संख्या में किसान और क्षेत्र की सरदारी मौजूद रही।




