बजट में 11 हज़ार करोड़ रुपये देकर मोदी सरकार दिल्ली की तस्वीर बदलने का प्रयास किया है —- हर्ष मल्होत्रा

नई दिल्ली, 7 फ़रवरी : केंद्रीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की लगातार बढ़ोतरी और देश के चार वर्ग जिसमें युवा, महिला, ग़रीब और किसान चारों शामिल हैं की उन्नति और उनके समान अधिकार को आधार मानते हुए इस बार का बजट पेश किया गया है।
दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर द्वारा संचालित प्रेसवर्ता में मयूर विहार जिला भाजपा अध्यक्ष श्री विजेंद्र धामा और शाहदरा जिला भाजपा अध्यक्ष श्री दीपक गाबा भी उपस्थित थे।
दिल्ली के लिए सौभाग्य की बात है कि दिल्ली- वाराणसी हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनने का प्रावधान किया गया है। सड़क परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 3 लाख 21 हज़ार करोड़ रुपये का बजट दिया गया है जिसका अच्छा भाग दिल्ली की सड़कों से ट्रैफिक कंजेशन कम करने पर खर्च होगा।
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे एवं दिल्ली कटरा एक्सप्रेसवे जैसे सड़को के जाल बिछाने की भी तैयारी हम कर चुके हैं। दिल्ली कंसेशन प्लान में 24000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। जिसमें गुरुग्राम से दिल्ली आते वक्त शिवमूर्ति के पास एक टनल को अप्रूवल दिया गया है। कटरा से दिल्ली आने वाले ट्रैफ़िक को एयरपोर्ट से कनेक्ट करने की भी व्यवस्था की गई है।
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे पर नोएडा जाने वाले को ट्रॉनिका सिटी से गाजियाबाद होते हुए एक रोड पास किया गया है।
इसके साथ ही सेंट्रल दिल्ली को जाम मुक्त बनाने के लिए एम्स से महिपालपुर तक 5000 करोड़ रुपये का एक मार्ग अप्रूव किया गया है। इसके आलावा नोएडा मयूर विहार सरिता विहार को जोड़ने के कारण कालिंदी कुंज पर जो जाम रहता है उसको खत्म करने के लिए कालिंदी कुंज पर सिग्नल फ्री सर्कुलर रोड बनाने का निर्णय हुआ है।
दिल्ली में तीन बड़े हाईवे को नेशनल हाई वे में बदलने की बात कही गई है। आश्रम से बदरपुर, पंजाबी बाग से टिकरी बॉर्डर और मेहरौली से गुरुगांव जाने वाले रोड को भी अंडर पास और सिग्नल फ्री बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
श्री मल्होत्रा में कहा कि दिल्ली के तीन डैम्पिंग साइट्स जिस पर कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी की सरकारों ने सिर्फ राजनीति की है, काम कुछ नहीं हुआ, केन्द्र की मोदी सरकार ने 3500 करोड़ रुपये लैंडफिल साइट्स से वेस्ट को खत्म करने के लिए दिए हैं और अब आप देखेंगे कि गाजीपुर , ओखला और भलस्वा का पहाड़ भी तेज़ी से खत्म होंगे। 2027 तक इन पहाड़ों को खत्म करने की बात कही गई है।
दिल्ली को सीधे तौर पर 11000 करोड़ रुपये दिया गए हैं। यूटी लेवल होने के कारण साथ ही 950 करोड़ रुपये दिए गए है। साफ़ शुद्ध नल से जल के लिए चंद्रावल में एक नया ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए 400 करोड़ रुपये दिया गए हैं। रेलवे परियोजना के लिए 2700 करोड़ रुपये दिया गया है।
श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि लोकल से ग्लोबल जाने का रास्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास, आत्म निर्भर भारत और मेक इन इंडिया से भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करने में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।
श्री हर्ष मल्होत्रा हमारे बजट का साइज साल 2014-15 में जो 18 लाख करोड़ रुपये था और आज यानी 2026-27 का बजट 53.5 लाख करोड़ रुपये हैं और यह केवल नंबर की बात नहीं बल्कि यह एक प्रोग्रेसिव बजट है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो खर्च 2 लाख करोड़ रुपये होना था वह इस बार बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है यानी देश का इंफ्रास्ट्रक्चर जिस प्रकार से बढ़ाया गया है उससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी ही और साथ ही देश में रोजगार पैदा होगा।
श्री मल्होत्रा में कहा कि आज हम ब्रह्मोस, आईएएनएस विक्रांत, फाइटर जेट के साथ पॉवर फुल टैंक हम देश में बना रहे हैं जो लगातार आर्थर सुदृढ़ता का घोतक है। विदेशी निवेश लगातार देश में बढ़ी है पिछले 12 साल में व्यापारियों को सुविधा दी गई है और बाहरी देशों के व्यापारियों के लिए भी डिजिटल सिंगल विंडो डेवलोप किया गया जिसके कारण 32 सेंट्रल डिपार्टमेंट और 32 राज्य इंटीग्रेटेड हैं। पिछले साल का एफडीआई 81 बिलियन यूएस डॉलर का था।
शिक्षा के क्षेत्र में इस बजट में यूनिवर्सिटी को उच्च बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जहाँ भी बड़ी कंपनियां हैं उन्हे कके साथ बनाने की भी बात कही गई है इससे बच्चे शिक्षित होने के साथ साथ स्किल्ड भी हो सके। महिलाओं का देश के अर्थव्यवस्थाएं में एक अहम योगदान हैं उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए हर जिले में एक हॉस्टल बनाने की बात की है। एआई के बिना कल के समय का जीवन संभव नहीं है इसलिए AI का अध्ययन करने की भी बात कही गई है।
स्वास्थ्य के सम्बंध में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक ही जनकल्याणकारी योजना वरदान साबित हुआ है। बजट में मेडिकल के लिए एक लाख करोड़ रुपये का है। आरोग्य मंदिर की स्थापना ब्लॉक लेवल पर करने की बात भी मोदी सरकार ने किया है। नए एम्स बनाने के लिए भी 11.5 हज़ार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। तीन नए आयुर्वेद अस्पताल बनाने की बात भी कही गई है। पाँच रीजनल मेडिकल हब्स को स्थापना भी करने की बात कही गई है।
यह हमारे लिए गर्व की बात है कि देश में डिफेंस के क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर बन रहे हैं और यही कारण है कि हमारे जवान द्वारा ऑपरेशन सिंदूर और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन भी किए जाते हैं।




