दिल्ली में ग्रीन टैक्स को लेकर ट्रांसपोर्टरों की आपत्ति

9 February, 2026, 10:54 pm

 

नई दिल्ली: राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर वसूले जा रहे ग्रीन टैक्स को लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर ने सवाल उठाए हैं। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि दिल्ली के लिए आवश्यक सामान लेकर आने वाले बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को ग्रीन टैक्स से छूट दी जाए।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र कपूर का कहना है कि जब सरकार स्वयं बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को अपेक्षाकृत कम प्रदूषणकारी मानती है, तो ऐसे वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलना तर्कसंगत नहीं है। उनका तर्क है कि ये वाहन वैध दस्तावेजों के साथ दिल्ली की आपूर्ति व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सामान लेकर आते हैं, इसलिए इन्हें प्रदूषण बढ़ाने वाली श्रेणी में रखना उचित नहीं है।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार पहले भी यह स्पष्ट कर चुकी है कि वे वाहन जो केवल पारगमन (ट्रांजिट) के लिए दिल्ली से गुजरते हैं और केएमपी एक्सप्रेसवे या ईस्टर्न पेरिफेरल रोड का उपयोग नहीं करते, वही प्रदूषण दबाव बढ़ाते हैं। ऐसे में ग्रीन टैक्स का दायरा उन्हीं वाहनों तक सीमित होना चाहिए।

एसोसिएशन का दावा है कि वाणिज्यिक वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर दिल्ली में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा और अंततः इसका बोझ आम उपभोक्ता को उठाना पड़ेगा।

ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से अपील की है कि प्रदूषण नियंत्रण की नीतियां व्यावहारिक और न्यायसंगत हों तथा उन्हें राजस्व संग्रह के साधन के रूप में न देखा जाए। उनका कहना है कि परिवहन क्षेत्र प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में सरकार के साथ सहयोग करता रहा है, लेकिन नीतियों में संतुलन और स्पष्टता आवश्यक है।