बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में ‘मीडिया स्टॉर्म’, फिल्मकारों और ज्यूरी के बचाव में आयोजक

बर्लिन, 16 फरवरी 2026। दुनिया के प्रमुख फिल्म समारोहों में शामिल Berlin International Film Festival (बर्लिनाले) इस समय राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद के कारण चर्चा में है। फेस्टिवल प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर फिल्मकारों, अंतरराष्ट्रीय ज्यूरी और ज्यूरी अध्यक्ष Wim Wenders का बचाव करते हुए कहा है कि मीडिया कवरेज में कलाकारों के बयानों को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया।
फेस्टिवल के अनुसार, आयोजन के शुरुआती 48 घंटों में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फिल्मकारों से राजनीतिक मुद्दों, विशेष रूप से मध्य पूर्व संघर्ष को लेकर लगातार सवाल पूछे गए। इसके बाद कुछ टिप्पणियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बहस तेज हो गई, जिसे आयोजकों ने “मीडिया स्टॉर्म” करार दिया।
बर्लिनाले की निदेशक Tricia Tuttle ने अपने लेख में कहा कि आज के माहौल में कलाकारों से हर प्रश्न का तत्काल और स्पष्ट उत्तर देने की अपेक्षा की जाती है। यदि वे जवाब नहीं देते तो आलोचना होती है, और यदि जवाब देते हैं तो उनके विचारों को लेकर विवाद खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि कलाकारों को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग अपनी पसंद के अनुसार करने का अधिकार है।
इसी विवाद के बीच भारतीय लेखिका Arundhati Roy ने फेस्टिवल में अपनी प्रस्तावित उपस्थिति रद्द कर दी। उन्होंने ज्यूरी के कुछ सदस्यों के कथित बयानों पर असहमति जताते हुए इसे अपना निर्णय बताया।
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर सिनेमा और राजनीति के संबंध पर बहस को सामने ले आया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या कलाकारों से राजनीतिक मुद्दों पर सार्वजनिक रुख की अपेक्षा की जानी चाहिए या उन्हें केवल अपने रचनात्मक कार्य तक सीमित रहने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। फेस्टिवल प्रबंधन का कहना है कि बर्लिनाले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मंच है और कलाकारों पर किसी भी तरह का वैचारिक दबाव नहीं होना चाहिए।
इनपुट -डीपीए




