जर्मनी की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से धीरे-धीरे बाहर निकल रही है,

बर्लिन, 17 फरवरी 2026। DPA
जर्मनी की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से धीरे-धीरे बाहर निकल रही है, लेकिन सुधार की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। German Chamber of Commerce and Industry (DIHK) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी Helena Melnikov ने बर्लिन में कहा कि आर्थिक प्रगति फिलहाल “बेबी स्टेप्स” यानी छोटे-छोटे कदमों में हो रही है।
DIHK के सर्वे के अनुसार साल की शुरुआत में कारोबारी माहौल में हल्का सुधार जरूर दर्ज किया गया है, लेकिन कंपनियां अब भी ऊंची उत्पादन लागत, कमजोर घरेलू मांग और भूराजनीतिक अनिश्चितताओं—खासतौर पर अमेरिकी टैरिफ नीतियों—से प्रभावित हैं। यह सर्वे 15 दिसंबर 2025 से 23 जनवरी 2026 के बीच किया गया, जिसमें करीब 26,000 कंपनियों ने हिस्सा लिया।
रिपोर्ट में निर्यात क्षेत्र को उम्मीद की किरण बताया गया है। लगभग 22 प्रतिशत कंपनियों को अगले 12 महीनों में निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछली रिपोर्ट के मुकाबले तीन प्रतिशत अंक अधिक है।
DIHK ने 2026 के लिए जर्मन अर्थव्यवस्था की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 1 प्रतिशत कर दिया है, जो संघीय सरकार के अनुमान के अनुरूप है। हालांकि संस्था का कहना है कि इस बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा सांख्यिकीय और कैलेंडर प्रभावों से जुड़ा है, क्योंकि इस वर्ष सार्वजनिक अवकाश सप्ताहांत में पड़ने से कार्य दिवस अधिक हैं। नवंबर 2025 में विकास दर का अनुमान 0.7 प्रतिशत लगाया गया था। बुनियादी ढांचे और रक्षा क्षेत्र में सरकारी खर्च को भी आर्थिक गतिविधियों के लिए सहायक माना गया है।
सर्वे के मुताबिक कंपनियां निवेश को लेकर अभी सतर्क हैं और अधिकांश निवेश मशीनरी बदलने या आवश्यक रखरखाव तक सीमित है। नवाचार से जुड़े निवेश में गिरावट देखी गई है। इसका असर श्रम बाजार पर भी दिख रहा है—12 प्रतिशत कंपनियां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही हैं, जबकि 23 प्रतिशत कंपनियां कर्मचारियों में कमी की आशंका जता रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जर्मनी की विकास दर अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में पीछे बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक सुधार के लिए निवेश और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर जोर देना होगा।




