नई दिल्ली में शिवजयंती का भव्य आयोजन, “जय भवानी–जय शिवाजी” के नारों से गूंजा महाराष्ट्र सदन
नई दिल्ली, 19 फरवरी। “जय भवानी, जय शिवाजी” के गगनभेदी नारों, ढोल-ताशों की गूंज, तुतारी के निनाद और शाहिरी पोवाड़ों के साथ राजधानी में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की टुकड़ी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को विशेष मानवंदना दी, जिससे समारोह का गौरव और बढ़ गया।
दिल्ली स्थित शिवजयंती राष्ट्रोत्सव समिति द्वारा कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित नवीन महाराष्ट्र सदन में इस भव्य आयोजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संभाजीराजे छत्रपती की प्रमुख उपस्थिति रही। उनके साथ सांसद विशाल पाटील, निवासी आयुक्त तथा सचिव आर. विमला, निवेश आयुक्त सुशील गायकवाड और सूचना निदेशक हेमराज बागुल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मोत्सव पर पाळणा पूजन किया और प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर शिवजयंती राष्ट्रोत्सव समिति, नई दिल्ली द्वारा तैयार ‘शिवकालीन दर्शिका 2026’ कैलेंडर का लोकार्पण भी संभाजीराजे छत्रपती के हाथों किया गया। इस विशेष कैलेंडर में छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म से लेकर निर्वाण तक की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं का तिथिवार विस्तृत विवरण शामिल है।
कार्यक्रम के अंतर्गत नाशिक के शिवराय ढोल पथक, लेझीम दल, वारकरी दिंडी और झंडा पथक की अगुवाई में महाराष्ट्र सदन परिसर में भव्य ‘शिव-शोभायात्रा’ निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने राजधानी में महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
समारोह में सहायक निवासी आयुक्त नितीन शेंडे, सहायक निवासी आयुक्त स्मिता शेलार, जनसंपर्क अधिकारी मनीषा पिंगळे, उपअभियंता किरण चौधरी, प्रबंधक प्रमोद कोलपते, मुख्य सुरक्षा अधिकारी अनिल चोरगे सहित महाराष्ट्र सदन और परिचय केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए मराठी समाज के लोग भी भारी संख्या में शामिल हुए।
राजधानी में आयोजित यह शिवजयंती समारोह न केवल सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक बना, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों—स्वाभिमान, सुशासन और राष्ट्रनिष्ठा—को पुनः स्मरण कराने का अवसर भी साबित हुआ।




