जय शिवाजी के जयघोष से गूंजा सातारा, 12 हजार युवाओं ने लिया विकसित भारत का संकल्प

19 FEB 2026 PIB
स्वराज के महानायक, सुशासन के प्रणेता और भारतीय संस्कृति के गौरव छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर सातारा की ऐतिहासिक धरती राष्ट्रभक्ति और युवा शक्ति के अभूतपूर्व उत्साह से सराबोर नजर आई।युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के स्वायत्तशासी संगठन मेरा युवा भारत (माय भारत) द्वारा जिला प्रशासन सातारा के सहयोग से आयोजित “जय शिवाजी, जय भारत” पदयात्रा में पूरे महाराष्ट्र से आए 12 हजार से अधिक माय भारत स्वयंसेवकों ने शामिल होकर शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलकर विकसित भारत निर्माण का संकल्प लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ सातारा के ऐतिहासिक रजवाड़ा परिसर से हुआ, जहां केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। महाराष्ट्र के राज्यगीत के साथ कार्यक्रम की भव्य शुरुआत हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे ने स्वयं मशाल थामकर पदयात्रा का नेतृत्व किया। उनकी अगुवाई में कई हजार युवा हाथों में तिरंगा, माय भारत का ध्वज और भगवा पताका लिए कदम से कदम मिलाकर विकसित भारत रचने का संकल्प दोहराते हुए आगे बढ़े।केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे ने युवा शक्ति को संबंधित करते हुए कहा कि जय शिवाजी, जय भारत पदयात्रा का उद्देश्य युवा पीढ़ी को वीर शिवाजी के महान जीवन गाथा से परिचित कराना है ताकि युवा भी स्वयं में अदम्य साहस, जीवंत प्रेरणा और नव ऊर्जा का संचार कर विकसित भारत निर्माण में योगदान देने के लिए सहभागी बने। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
वहीं महाराष्ट्र सरकार से कैबिनेट मंत्री शंभुराज विजयादेवी शिवाजीराव देसाई ने अपने संबोधन में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, विचारों और मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया और कहा कि स्वराज की स्थापना कर वीर शिवाजी ने संदेश दिया कि आत्मसम्मान, न्याय और जनहित सर्वोपरि हैं।पदयात्रा रजवाड़ा से प्रारंभ होकर गोलबाग, राजपथ, शाहू चौक और अन्य प्रमुख मार्गों से होते लगभग 2.5 किमी दूरी तय करते हुए पोवई नाका तक पहुंची। पूरे मार्ग में जगह-जगह नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पदयात्रा का भव्य स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां कलाकारों ने पारंपरिक मराठी लोकनृत्य, लेझीम, ढोल-ताशा वादन और युद्ध कौशल की प्रस्तुति देकर शिवाजी महाराज की वीरता और मराठी गौरव की झलक प्रस्तुत की। इन प्रस्तुतियों ने युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम में शामिल युवाओं के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे पारंपरिक मराठी वेशभूषा में सुसज्जित होकर पदयात्रा का हिस्सा बने। युवतियां नौवारी साड़ी और युवाओं ने पारंपरिक पगड़ी और धोती-कुर्ता पहनकर शिवाजी महाराज की परंपरा को जीवंत कर दिया। ढोल-ताशों की गूंज और “जय शिवाजी, जय भारत”, “माय भारत, विकसित भारत” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।पदयात्रा के दौरान युवाओं के लिए लगाए गए विशेष सेल्फी स्टैंड आकर्षण का केंद्र बने जहां युवाओं ने खूब सेल्फी ली और माय भारत के क्यूआर कोड को स्कैन कर स्वयंसेवक बनने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया। माय भारत पोर्टल mybharat.gov.in पर पंजीकरण कर युवाओं ने राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस आयोजन के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं ने माय भारत से जुड़ने में रुचि दिखाई, जो भविष्य में राष्ट्र निर्माण की विभिन्न गतिविधियों में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और अभियानों से संबंधित डॉक्यूमेंट्री वीडियो का भी प्रदर्शन किया गया। इन वीडियो के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका, नेतृत्व क्षमता के विकास और सामाजिक परिवर्तन में योगदान के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के एंथम का प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा, जिसने उन्हें देश के भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में माय भारत प्लेटफॉर्म पर संचालित बजट क्वेस्ट क्विज 2026 की भी जानकारी दी गई।
पदयात्रा मार्ग को विशेष रूप से श्वेत और भगवा रंग से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण शिवाजी महाराज की परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत नजर आया। रजवाड़ा परिसर में युवाओं के लिए फूड और रिफ्रेशमेंट स्टॉल भी लगाए गए। आयोजन की व्यवस्थाएं जिला प्रशासन सातारा और माय भारत के सहयोग से सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित की गईं।
इस आयोजन में विभिन्न माय भारत यूथ क्लब, महाविद्यालयों की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों, एनसीसी कैडेट्स, सामाजिक संगठनों और अन्य युवा समूहों से जुड़े युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं ने न केवल पदयात्रा में भाग लिया, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और राष्ट्रभक्ति का प्रदर्शन भी किया।
पदयात्रा के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों को अतिथियों ने विशेष रूप से सराहा और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, विचारों और मूल्यों से परिचित कराना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा। शिवाजी महाराज का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी स्वराज की स्थापना कर भारत के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी।
युवाओं ने भी इस आयोजन को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। विभिन्न स्वयंसेवकों ने बताया कि इस पदयात्रा ने शिवाजी महाराज के आदर्शों को करीब से समझने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को महसूस करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि वे माय भारत के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
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