विकसित भारत .-जी. राम-जी’ योजना से ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मिलेगा बल : डॉ. अरविंद शर्मा
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चंडीगढ़, 26 फरवरी —
हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बजट सत्र के दौरान श्री राम कुमार कश्यप द्वारा प्रस्तुत ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का विचार था— “अगर भारत को जानना है तो भारत के गांवों में जाकर देखो।” इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण विकास और ग्रामीण आजीविका को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का नाम समय-समय पर बदला गया— पहले ‘काम के बदले अनाज’, फिर ‘नरेगा’ और बाद में ‘मनरेगा’ के रूप में इसे लागू किया गया। वर्तमान में ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ के रूप में इसे अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह ढांचे के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने योजना का केवल नाम नहीं, बल्कि इसकी कमियों की गहराई से समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिससे यह योजना अधिक प्रभावी बनी है। यह योजना श्रमिकों और मजदूरों के हित में है और किसी भी बड़े संगठन द्वारा इसका विरोध नहीं किया गया है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि अब ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी। मजदूरी भुगतान की समय-सीमा को 15 दिनों से घटाकर 7 दिन किया गया है। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होता है तो श्रमिक क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकता है। भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को योजना में प्राथमिकता दी गई है। ग्राम सभा से मंत्रणा लेकर ही कार्यों का निर्धारण किया जाएगा, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य सुनिश्चित हों।
डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि वर्ष 2014 से 2025 तक हरियाणा में 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। इससे पहले कांग्रेस के समय देशभर में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये व्यय किए गए थे वह भी उचित लोगों के पास नहीं पहुंचे। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली लागू होने के बाद राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और मजबूत बनी है।
उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव बीपीएल एवं वंचित वर्गों के हित में है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे तथा विकसित भारत के संकल्प में हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा की जनता ने लगातार तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाकर विकास के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया है। यह योजना उसी विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम बनेगी।




