दूरदर्शन ने भारतीय सांस्कृतिक सामग्री की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए ICCRके साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

09 APR 2026 ।भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरदर्शन (प्रसार भारती) ने 7 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली स्थित दूरदर्शन भवन में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू पर दूरदर्शन के महानिदेशक श्री के. सतीश नंबूदिरीपाद और आईसीसीआर की महानिदेशक श्रीमती के. नंदिनी सिंगला ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। इस समारोह में दूरदर्शन (प्रसार भारती) और आईसीसीआर के अधिकारी भी उपस्थित थे।इस साझेदारी का मकसद दूरदर्शन (प्रसार भारती) के व्यापक टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल नेटवर्क के ज़रिए आईसीसीआर द्वारा उपलब्ध कराई गई सांस्कृतिक सामग्री की पहुंच को बढ़ाना है। इसमें विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, साथ ही आईसीसीआर मुख्यालय और भारत भर में स्थित इसके क्षेत्रीय और क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा संचालित कार्यक्रम शामिल हैं।
समझौते के तहत, आईसीसीआर सांस्कृतिक सामग्री और प्रस्तुतियां उपलब्ध कराएगा, जबकि दूरदर्शन (प्रसार भारती) टेलीविजन चैनलों, रेडियो नेटवर्क, ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेटफार्मों पर उनका प्रसारण करेगा। इस व्यवस्था से विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों से प्राप्त रिकॉर्डिड सांस्कृतिक सामग्री के प्रसारण में भी मदद मिलेगी, जिससे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में भारत की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की व्यापक पहुंच मुमकिन होगी।
समझौते की एक प्रमुख विशेषता डिजिटल अधिकारों सहित सामग्री अधिकारों का संयुक्त स्वामित्व है, जो दोनों संगठनों को दीर्घकालिक उपयोग के लिए सामग्री को संग्रहित और प्रसारित करने में सक्षम बनाता है। दूरदर्शन (प्रसार भारती) दर्शकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए, जहां तक संभव हो, कार्यक्रम से पहले प्रचार और विभिन्न मंचों पर भी प्रचार करेगा।यह समझौता ज्ञापन दूरदर्शन (प्रसार भारती) को इस सहयोग के तहत निर्मित सामग्री से होने वाले वित्तीय अवसरों का पता लगाने में भी मदद करता है, ताकि इस प्रकार की सांस्कृतिक प्रसारण पहलें लगातार होती रहें।
यह समझौता तीन वर्षों की अवधि के लिए लागू रहेगा, जिसमें आपसी सहमति से विस्तार के प्रावधान हैं। इस सहयोग से भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत की दृश्यता और पहुंच में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है, साथ ही इससे सांस्कृतिक प्रचार के प्रयासों को समकालीन मीडिया प्लेटफार्मों और वैश्विक दर्शकों के साथ जोड़ा जा सकेगा।




