बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी सरकार ने ध्वनिमत से जीता विश्वास मत
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पटना 24 अप्रैल 2026। बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने अपना बहुमत साबित कर दिया है। शुक्रवार को विधानसभा में ध्वनि मत से विश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। विश्वास मत पर बहस के बाद सदन में एडीए के पक्ष में बहुमत रहा, जबकि महागठबंधन संख्या बल के मामले में पीछे रह गया। इसके बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने प्रस्ताव के पास होने की घोषणा कर दी। बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के हिसाब से पहले से ही मतदान की संभावना कम थी।
बिहार विधानसभा की 243 सदस्यों वाले सदन में सरकार को अपना बहुमत साबित करने के लिए 122 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन एनडीए ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए 201 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया।
मुख्यमंत्री बनने के बाद शुक्रवार को पहली बार पहुंचे सम्राट चौधरी का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया। गौरतलब है कि कि जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के राज्यसभा से निर्वाचित होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में 15 अप्रैल को एनडीए की सरकार बनी। सरकार के विश्वास मत के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था।
जैसा कि विदित है नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में, एनडीए ने 202 विधायकों के साथ बहुमत हासिल किया, जिससे विश्वास मत से पहले सरकार मजबूत स्थिति में आ गई। हालांकि, नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था।
नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वर्तमान में सामान्य प्रशासन, गृह, कैबिनेट सचिवालय, सतर्कता और चुनाव सहित 29 विभागों का प्रभार संभाल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य सहित 10 विभाग सौंपे गए हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ऊर्जा और योजना एवं विकास सहित आठ विभागों के प्रभारी हैं। बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार अभी होना बाकी है।




