केरलम् चुनाव: भाजपा ने जारी किया ‘विकसित केरलम’ संकल्प-पत्र

तिरुवनंतपुरम में भाजपा( BJP) ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना बहुप्रतीक्षित संकल्प-पत्र जारी करते हुए केरलम् की राजनीति में नया विमर्श छेड़ दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने ‘विकसित केरलम, सुरक्षित केरलम और विश्वासम संपन्नम केरलम’ के विज़न के साथ घोषणापत्र पेश किया, जिसमें विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर कल्याणकारी योजनाओं का भी वादा किया गया है।कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर, बीडीजेएस अध्यक्ष तुषार वेल्लापल्ली और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
दोहरी रणनीति , फ्रीबीज और विकास
भाजपा का यह घोषणापत्र साफ तौर पर “वेलफेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर” के मिश्रण पर आधारित है ।जो अब भारतीय चुनावों का नया ट्रेंड बनता जा रहा है। भाजपा ने केरलम् की जनता से प्रमुख वादे किये है ।
गरीब महिलाओं को 2,500 रूपए मासिक सहायता
महिला मुखियाओं, विधवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को 3,000 रूपए की पेंशन
हर परिवार को हर महीने 20,000 लीटर मुफ्त पानी
साल में 2 मुफ्त LPG सिलेंडर
रोजगार के लिए हर नौकरी पर 1 लाख रूपए का आसान ऋण ।यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा भी अब उस “फ्रीबीज मॉडल” को अपनाने की ओर बढ़ रही है, जिसकी शुरुआत दक्षिण भारत खासकर तमिलनाडु से हुई थी।
केरलम् की राजनीति पर सीधा हमला
भाजपा ने अपने संकल्प-पत्र में राज्य की दोनों प्रमुख राजनीतिक धाराओं
लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) पर तीखा हमला बोला है। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 17 वर्षों से दोनों गठबंधनों में “मैच-फिक्सिंग”चल रही है ।बारी-बारी से सत्ता में रहकर राजनीतिक और पारिवारिक लाभ उठाए गए ।राज्य में औद्योगिक विकास ठप रहाऔर आर्थिक ठहराव आया
भाजपा का दावा: बढ़ता जनाधार
भाजपा ने यह भी दावा किया कि राज्य में पार्टी का वोट शेयर 2 फीसदी से बढ़कर लगभग 20 फीसदी तक पहुंचा
तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा का मेयर बनना बदलाव का संकेत है ।यह संकेत देता है कि पार्टी केरलम् में खुद को एक तीसरे विकल्प से मुख्य दावेदार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस
घोषणापत्र में कई बड़े विकास कार्यों का भी जिक्र है: । तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क कोच्चि मेट्रो का विस्तार और नए शहरों में मेट्रो, राज्य का पहला AIIMS,विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह’ को औद्योगिक हब बनाना, शहरों को “इकोनॉमिक इंजन” के रूप में विकसित करना
सांस्कृतिक और धार्मिक एजेंडा भी शामिल
भाजपा ने सबरीमाला मंदिर से जुड़े मुद्दों को भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में रखा है । मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता और CBI जांच और विशेष आयोग जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी है, जो राज्य की पहचान और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
पर्यावरण और पर्यटन पर जोर
‘केरलम नदी पुनर्जीवन कार्यक्रम’ के तहत ‘हाथी संरक्षण मिशन’,बैकवाटर पर्यटन का वैश्विक स्तर पर विकास
ये संकेत देते हैं कि भाजपा विकास को पर्यावरणीय संतुलन के साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
फ्रीबीज दिलाएंगे सत्ता?
यह घोषणापत्र एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव को दर्शाता है:भाजपा का रणनीतिक शिफ्ट भाजपा, जो पहले “फ्रीबीज राजनीति” की आलोचक रही है, अब खुद नकद सहायता,मुफ्त सेवाएं,जैसे वादों के साथ मैदान में है।
दक्षिण मॉडल का प्रभाव
तमिलनाडु से शुरू हुआ मॉडल अब केरलम् में पूरी तरह स्थापित होता दिख रहा है जहां वेलफेयर स्कीम्स चुनावी सफलता की कुंजी बनती जा रही हैं।
असली मुकाबला: नैरेटिव का
LDF/UDF ने पारंपरिक कल्याण और सेक्युलर राजनीति को आगे किया है । जबकि भाजपा ने वेलफेयर और विकास के साथ सांस्कृतिक मुद्दों को प्रमुखता दी है । केरल में भाजपा का यह संकल्प-पत्र केवल चुनावी घोषणा नहीं, बल्किराजनीतिक विस्तार की रणनीति है।फ्रीबीज, विकास और सांस्कृतिक मुद्दों के इस मिश्रण से भाजपा
राज्य की पारंपरिक दो-ध्रुवीय राजनीति को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या यह “डबल इंजन और फ्रीबीज मॉडल” केरल में कमल खिला पाएगा,


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