जर्मनी करेगा मध्य पूर्व से बच्चों और गर्भवती महिलाओं की निकासी

Johann Wadephul ने सोमवार को घोषणा की कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच जर्मन सरकार अपने नागरिकों, खासकर बच्चों, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालने की तैयारी कर रही है।
रियाद और मस्कट भेजे जाएंगे विमान
विदेश मंत्री ने बताया कि जर्मनी सऊदी अरब की राजधानी Riyadh और ओमान की राजधानी Muscat में विमान भेजेगा। इन स्थानों का हवाई क्षेत्र फिलहाल खुला है, जिससे निकासी अभियान संभव हो सकेगा।
30,000 जर्मन पर्यटक प्रभावित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जर्मन ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से मध्य पूर्व गए करीब 30,000 पर्यटक मौजूदा हालात से प्रभावित हो सकते हैं।यह संकट शनिवार को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद गहराया। इसके जवाब में ईरान ने कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
संकट प्रबंधन टीम सक्रिय
बर्लिन स्थित विदेश मंत्रालय में संकट प्रबंधन टीम की बैठक हुई। विदेश मंत्रालय ने मस्कट, दोहा और दुबई में विशेष सहायता दल भेजने का निर्णय लिया है। साथ ही सीमा चौकियों की स्थिति का आकलन भी किया जा रहा है।इज़राइल से मिस्र की सीमा पार कराने में काहिरा स्थित जर्मन दूतावास की टीम सहायता कर रही है।
एयरलाइंस से समन्वय
विदेश मंत्री ने बताया कि जर्मनी की प्रमुख एयरलाइन Lufthansa, ट्रैवल ग्रुप TUI Group और जर्मन ट्रैवल एसोसिएशन के साथ लगातार बातचीत चल रही है।लुफ्थांसा के सीईओ Carsten Spohr से बातचीत के बाद वाडेफुल ने कहा कि एयरलाइन जर्मन नागरिकों को वापस लाने की क्षमता रखती है।
बुंडेसवेहर का इस्तेमाल अंतिम विकल्प
जर्मन रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि सेना यानी Bundeswehr का इस्तेमाल “अंतिम विकल्प” के तौर पर ही किया जाएगा, यदि अन्य सभी उपाय विफल हो जाते हैं।विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है—“हर जर्मन नागरिक को सुरक्षित घर लाना।”




