दस्तार हमारी शान है और यह हमें श्री गुरु साहिबान द्वारा दिया गया अमूल्य उपहार है: सरबजीत सिंह झिंझर

4 March, 2026, 10:37 am



04 मार्च 2026, चंडीगढ़  । खालसा पंथ की चढ़दी कला के प्रतीक राष्ट्रीय पर्व होला मोहल्ला के पावन अवसर पर श्री केसगढ़ साहिब में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सरदार सुखबीर सिंह बादल जी के दिशा-निर्देशों तथा यूथ अकाली दल के प्रधान सरबजीत सिंह झिंझर के नेतृत्व में “विरसा संभाल सरदारी लहर” और “मेरी दस्तार मेरी शान” अभियान के अंतर्गत एक विशाल दस्तार कैंप आयोजित किया गया।

“विरसा संभाल सरदारी लहर” के प्रमुख मनदीप सिंह खुर्द अपनी टीम सहित सेवा के लिए उपस्थित रहे। दोनों संगठनों ने मिलकर इस कैंप को सफलतापूर्वक आयोजित किया और युवाओं को दस्तार के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया।

कैंप का शुभारंभ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दस्तार हमें श्री गुरु साहिबान द्वारा प्रदान किया गया ताज है, जो सिख पहचान, मर्यादा और आत्म-सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दस्तार की लाज रखना हर सिख का कर्तव्य है और ऐसे प्रयास युवा पीढ़ी को अपनी महान विरासत से जोड़ते हैं।

सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि “मेरी दस्तार मेरी शान” अभियान का उद्देश्य युवाओं में सिखी के प्रति सम्मान की भावना पैदा करना और दस्तार के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि यूथ अकाली दल द्वारा अब तक देश और विदेश में 500 से अधिक दस्तार कैंप आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से हजारों युवाओं को दस्तार बांधने की प्रेरणा और प्रशिक्षण दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सरदार सुखबीर सिंह बादल सिख कौम की धार्मिक और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में पार्टी द्वारा युवाओं को गुरबाणी, गुरमत और सिख परंपराओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि सिख युवाओं को अपनी असली पहचान और विरासत पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दस्तार को केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूथ अकाली दल गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर हर युवा को गुरु साहिबान के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।

कैंप के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं और युवाओं को दस्तार बांधी गई तथा दस्तार बांधने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। संगत द्वारा इस पहल की भरपूर सराहना की गई।

इस अवसर पर यूथ अकाली दल के सचिव एवं खरड़ हलका इंचार्ज रविंदर सिंह खेड़ा ने कहा कि दस्तार केवल सिर का श्रृंगार नहीं, बल्कि सिख व्यक्तित्व, साहस और अटूट विश्वास की पहचान है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को पश्चिमी प्रभावों से ऊपर उठकर अपनी वास्तविक विरासत से जुड़ना चाहिए और दस्तार को सम्मान और अनुशासन के ताज के रूप में अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यूथ अकाली दल आने वाले समय में स्कूलों, कॉलेजों और गांव स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर हर युवा तक सिखी का संदेश पहुंचाएगा।

अंत में सरबजीत सिंह झिंझर ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि दस्तार हमारी शान है और यह हमें श्री गुरु साहिबान द्वारा प्रदान किया गया अमूल्य उपहार है, जिसकी सेवा और सम्मान करना हर सिख का धर्म है। उन्होंने कहा कि यूथ अकाली दल युवा पीढ़ी को सिखी से मजबूती से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी पंजाब सहित देश-विदेश में “मेरी दस्तार मेरी शान” अभियान के अंतर्गत बड़े स्तर पर कैंप आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संगत से अपील की कि हर घर में दस्तार के महत्व को समझते हुए युवाओं को सिख स्वरूप से जोड़ा जाए, ताकि खालसा पंथ की चढ़दी कला सदैव बनी रहे।

इस अवसर पर यूथ अकाली दल के नेता, स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में सेवक उपस्थित रहे। विशेष रूप से पूर्व पंजाब मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा उपस्थित रहे। उनके साथ एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्य दलजीत सिंह भिंडर, एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला, संदीप सिंह कलोटा, एडवोकेट गुरप्रीत सिंह फटवां, सुखबीर सिंह कलमा, जगदीप सिंह कौंके, जगदीप सिंह जग्गी चोला, हरप्रीत सिंह रिची, अवतार सिंह तारी, जतिंदर सिंह खालसा, अमृतपाल सिंह रायपुर, अरविंदर सिंह कालेवाल, गुरजीत सिंह बैंस, रमणदीप सिंह कंसाला और गुरप्रीत सिंह ढकोरां उपस्थित रहे।