ईरान युद्ध का असर: जर्मनी की 90% इंडस्ट्री कंपनियों को व्यापार पर खतरे की आशंका
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ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। जर्मनी की प्रमुख आर्थिक संस्था Ifo Institute के सर्वे के मुताबिक, देश की 10 में से 9 औद्योगिक कंपनियां मानती हैं कि इस संघर्ष का उनके कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
केवल 9% कंपनियां ही बेफिक्र
सर्वे में सामने आया कि सिर्फ 9% कंपनियों को लगता है कि उन पर इस युद्ध का कोई असर नहीं पड़ेगा, जबकि बाकी अधिकांश कंपनियां आने वाले समय में चुनौतियों के लिए तैयार हो रही हैं। Klaus Wohlrabe, जो ifo में सर्वे प्रमुख हैं, ने कहा कि यह संघर्ष सीधे तौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रभावित कर रहा है, लेकिन उससे भी ज्यादा अनिश्चितता पैदा कर रहा है।करीब 78% कंपनियों ने बढ़ती ऊर्जा कीमतों को सबसे बड़ा खतरा बताया।
सप्लाई चेन और शिपिंग पर असर
36% कंपनियों ने शिपिंग रूट में बाधा और कच्चे माल की आपूर्ति में दिक्कत को चिंता जताई
16% कंपनियों को एयर कार्गो में व्यवधान का डर
24% कंपनियों को निर्यात बाजार में मांग घटने की आशंका
वित्तीय जोखिम भी बढ़े
कई कंपनियों ने लॉजिस्टिक्स लागत, बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी और पेमेंट रिस्क को भी बड़ा खतरा बताया है।वोलराबे के मुताबिक, “ईरान युद्ध के आर्थिक प्रभाव अभी से दिखने लगे हैं और अगर अनिश्चितता लंबी चली तो कंपनियों के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।”जर्मनी जैसे औद्योगिक देश के लिए यह संकेत गंभीर हैं। ऊर्जा संकट, सप्लाई चेन बाधा और वैश्विक मांग में गिरावट—ये तीनों कारक मिलकर यूरोप की अर्थव्यवस्था पर व्यापक दबाव बना सकते हैं।
इनपुट (DPA)


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