जर्मनी ने ईरानी राजदूत को तलब किया, मध्य पूर्व हमलों पर कड़ा विरोध

बर्लिन, 4 मार्च 2026।( DPA) मध्य पूर्व में तेज होते संघर्ष के बीच जर्मनी ने ईरान के राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। German Foreign Office ने कहा कि तेहरान द्वारा इज़रायल और क्षेत्र के अन्य देशों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले “अविवेकपूर्ण और असंगत” हैं।विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा, “हमने ईरानी शासन से क्षेत्र के देशों पर अपने लापरवाह हमलों को तत्काल रोकने की स्पष्ट मांग की है।”जर्मनी ने यह भी कहा कि ये हमले नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं और इससे उसके सहयोगी देशों, क्षेत्र में तैनात सैन्य कर्मियों तथा नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है।
हमलों के बाद बढ़ा तनाव
ईरान ने यह कार्रवाई शनिवार को अमेरिका और इज़रायल द्वारा शुरू किए गए बड़े सैन्य अभियान के जवाब में की है। तेहरान ने इज़रायल के अलावा खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है।उधर, इज़रायल ने मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बमबारी की, जिसे उसने ईरान समर्थित संगठन Hezbollah की गतिविधियों के जवाब में बताया है। इससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष और अधिक फैलने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान का जवाब: आत्मरक्षा का अधिकार
Embassy of Iran, Berlin ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी राजदूत माजिद नीली ने जर्मन विदेश मंत्रालय को बताया कि अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
राजदूत ने United Nations के चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रावधान आत्मरक्षा के अधिकार को मान्यता देता है।उनके अनुसार,“ईरान की कार्रवाई इसी वैध आत्मरक्षा के दायरे में आती है।”
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास तेज नहीं किए गए तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। जर्मनी सहित यूरोपीय देशों की चिंता इस बात को लेकर है कि खाड़ी क्षेत्र में तैनात उनके नागरिक और सैन्य बल सीधे जोखिम में आ सकते हैं।मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी असर डाल सकती है।




