उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बना रहा हरियाणा, CM नायब सिंह सैनी

नई दिल्ली, 30 अप्रैल-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक और भविष्य उन्मुख इंडस्ट्री पॉलिसी तैयार कर रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य हरियाणा को देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाना, अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना और प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति को व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के लिए उद्योग जगत से सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी संत कबीर कुटीर स्थित अपने आवास पर पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से रूबरू हुए। इस अवसर पर उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और विभिन्न औद्योगिक, निवेश एवं रोजगार से जुड़े विषयों पर विस्तार से संवाद किया। बैठक का उद्देश्य राज्यों के बीच औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना और साझा विकास की संभावनाओं को मजबूत करना रहा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज देश के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में शामिल है और “नंबर वन प्रदेश” बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर जिला मजबूत सड़क नेटवर्क और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है, जिससे उद्योगों और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा विभिन्न स्थानों पर इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए भूमि अधिग्रहण और आधारभूत ढांचे के विकास की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज के पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन” सरकार की पारदर्शी नीतियों के कारण युवाओं का भरोसा लगातार बढ़ा है। बिना पर्ची और बिना खर्ची के योग्यता के आधार पर नौकरियां मिलने से युवा अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अधिक रुचि ले रहे हैं। यही कारण है कि हरियाणा से हर वर्ष 60 से अधिक युवाओं का चयन यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में हो रहा है।
पंजाब के उद्योगपतियों को हरियाणा में निवेश का आमंत्रण
मुख्यमंत्री ने पंजाब के उद्योगपतियों को हरियाणा में उद्योग स्थापित करने का खुला आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के क्षेत्र में हरियाणा ने उल्लेखनीय सुधार किए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है और सभी के सामूहिक प्रयासों से यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।
युवाओं को सकारात्मक दिशा देना जरूरी
संवाद के दौरान पंजाब में बढ़ते नशे के मुद्दे पर चिंता व्यक्त किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार और सही दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सार्थक कार्य और अवसर मिलते हैं तो वे नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहते हैं। प्रदेश सरकार इस दिशा में बड़े स्तर पर कार्य कर रही है, जिसमें रोजगार सृजन के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य और जागरूकता अभियानों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नशा तस्करी और इससे जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा में पारदर्शी भर्ती प्रणाली के कारण युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है और वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग हर गांव से युवाओं को सरकारी रोजगार मिले हैं, बड़ी आबादी वाले गांव में तो यह संख्या 400 से 500 तक भी है, जो सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
पंजाब को फिर से सशक्त बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब कभी देश का अग्रणी राज्य रहा है, लेकिन वर्तमान समय में उसे फिर से मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से मिलकर पंजाब को पुनः विकास की राह पर आगे ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पंजाब भी विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।
विदेशों से उद्योगपतियों का करवा रही है हरियाणा सरकार सामांज्स्य, ताकि लागत कम मुनाफा हो ज्यादा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर उद्योगपतियों के समक्ष हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर कार्य करते हुए विभिन्न देशों के साथ सशक्त संपर्क स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पंजाब का युवा विदेश में बड़ी संख्या में जा रहा है, वैसे ही हरियाणा का युवा भी विदेश में जा रहा है, लेकिन इसके लिए प्रदेश में बनाए गए विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से युवाओं को विदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को कौशल से जोड़ने के लिए सतत प्रयासरत है, जिसके अंतर्गत विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के सुदृढ़ अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उद्योगपतियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विदेशी सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्यात को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य उद्योगपतियों की लागत को न्यूनतम करते हुए उन्हें अधिकतम लाभ की दिशा में अग्रसर करना है।

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