मणिपुर में तीन चर्च नेताओं की हत्या पर कांग्रेस का तीखा हमला

14 May, 2026, 10:05 pm

नई दिल्ली, 14 मई - मणिपुर में तीन वर्षों से जारी हिंसा के बीच कांग्रेस पार्टी ने कांगपोकपी जिले में बुधवार को आदिवासी समुदाय से संबंध रखने वाले चर्च के तीन नेताओं की हत्या की कड़ी निंदा की है।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए मणिपुर से कांग्रेस सांसद प्रो. ए. बिमोल अकोइजाम ने राज्य और केंद्र की सरकार पर अपनी ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने एवं लोगों के जान-माल की रक्षा करने में असफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो इस हिंसा को बहुत पहले ही रोका जा सकता था। 

ज्ञात रहे कि कांगपोकपी जिले में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें चर्च के तीन नेताओं की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। इसके बाद शाम को नोनी जिले में हुई गोलीबारी में एक और व्यक्ति की जान चली गई।

प्रो. अकोइजाम ने मांग की कि मणिपुर में जारी हिंसा को तत्काल समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार सशस्त्र समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने मणिपुर हिंसा की जांच के लिए गठित जांच आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार से मणिपुर के लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि इन घटनाओं के जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जाए।

प्रो. अकोइजाम ने कहा कि राज्य में हालात सामान्य होने के बजाय हिंसा का दायरा और बढ़ गया है। उन्होंने हाल ही में म्यांमार सीमा पर स्थित तांगखुल समुदाय के गांवों पर म्यांमार के हथियारबंद लोगों के हमले का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार नागरिकों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि जनता के बीच यह धारणा बन रही है कि सरकार में बैठे कुछ तत्व खुद इस हिंसा में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अराजकता फैलाने और मणिपुर को तबाह करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अपनी सामाजिक ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए राज्य के लोगों को बांटने का प्रयास कर रही है।

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