न्यायाधीश जांच समिति ने माननीय अध्यक्ष, लोक सभा को अपनी रिपोर्ट सौंपी

19 May, 2026, 9:16 am

 

न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े चर्चित मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। न्यायमूर्ति श्री यशवंत वर्मा से जुड़े आरोपों की जांच कर रही न्यायाधीश जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को सौंप दी है।

यह रिपोर्ट न्यायाधीश जांच अधिनियम, 1968 के तहत वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप संसद भवन में प्रस्तुत की गई। जानकारी के अनुसार रिपोर्ट को जल्द ही संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखा जा सकता है।

समिति के पीठासीन अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश Justice Aravind Kumar थे। उनके साथ Justice Chandrashekhar तथा वरिष्ठ अधिवक्ता B. Acharya भी समिति में शामिल थे। समिति ने 18 मई 2026 को संसद भवन में अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी।

क्या है पूरा मामला

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर न्यायिक पद पर रहते हुए कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद संसद और न्यायिक हलकों में व्यापक चर्चा शुरू हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने 12 अगस्त 2025 को न्यायाधीश जांच समिति का गठन किया था।

समिति ने पिछले कई महीनों में दस्तावेजों, गवाहों और संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाकर जांच की। अब रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस मामले में आगे की संसदीय और संवैधानिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

संविधान के प्रावधानों के अनुसार किसी उच्च न्यायिक पद पर बैठे न्यायाधीश के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया बेहद जटिल और संवेदनशील मानी जाती है। इसलिए इस रिपोर्ट को न्यायपालिका की जवाबदेही और पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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