पेरिस में G7 वित्त मंत्रियों की बैठक, ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट पर होगी चर्चा

Group of Seven के वित्त मंत्री सोमवार से Paris में दो दिवसीय बैठक करेंगे, जिसमें ईरान युद्ध और Strait of Hormuz की नाकेबंदी से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर चर्चा होगी।
बैठक में वैश्विक व्यापार असंतुलन, महत्वपूर्ण खनिज और कच्चे माल की आपूर्ति, विकासशील देशों के लिए वित्त पोषण तथा आतंकवाद और संगठित अपराध की फंडिंग रोकने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा यूक्रेन को समर्थन का मुद्दा भी एजेंडे में शामिल है।
G7 दुनिया की प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं का अनौपचारिक समूह है, जिसमें Germany, France, United Kingdom, Italy, Japan, Canada और United States शामिल हैं। सदस्य देशों के केंद्रीय बैंक प्रतिनिधि भी बैठक में भाग लेंगे। इस वर्ष G7 की अध्यक्षता फ्रांस के पास है।
Lars Klingbeil ने बैठक से पहले ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने की आशंका को “वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा” बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध आर्थिक विकास को भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
उन्होंने कहा कि युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने, क्षेत्र को स्थिर बनाने और समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। उनके अनुसार, “यूरोप का रास्ता टकराव नहीं बल्कि सहयोग है।”
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया में तेल और गैस आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है।
पेरिस में होने वाली इस बैठक में Brazil, India, South Korea और Kenya के वित्त मंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है।
Input -DPA


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