जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ का 2026 एजेंडा: अर्थव्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता, यूक्रेन को समर्थन बरकरार

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने वर्ष 2026 के लिए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अब तक उठाए गए कदम जर्मनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को पर्याप्त रूप से सुधारने में विफल रहे हैं।
साल की शुरुआत में अपने सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों को भेजे चार पन्नों के पत्र में मर्ज़ ने कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति “कुछ क्षेत्रों में बेहद गंभीर” बनी हुई है। उनके अनुसार, 2026 में निर्णायक राजनीतिक और विधायी कदम उठाना अनिवार्य होगा, ताकि कारोबार के लिए हालात बेहतर हों और देश की अर्थव्यवस्था संकट से निकलकर फिर से विकास की राह पर लौट सके।
यूक्रेन को समर्थन दोहराया
मर्ज़ ने पत्र में यूक्रेन के प्रति जर्मनी के समर्थन की पुनः पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ में जब्त रूसी संपत्तियों के उपयोग के फैसले से कीव को रूस के खिलाफ दीर्घकालिक रक्षा सहायता के लिए वित्तीय आधार मिला है।
उन्होंने लिखा, “रूस को हमारे संकल्प पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।”
साथ ही, मर्ज़ ने स्पष्ट किया कि जर्मन सरकार यूक्रेन की संप्रभुता को बनाए रखते हुए युद्धविराम के लिए प्रयास जारी रखेगी। उन्होंने कूटनीतिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि रूस की सीमित वार्ता-इच्छा, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की घरेलू एकता बनाए रखने की कोशिशें और ट्रांस-अटलांटिक सहयोग में गहरे बदलाव—ये सभी स्थितियों को जटिल बना रहे हैं।
राजनीति में भरोसा बहाल करने की अपील
पत्र के अंत में चांसलर मर्ज़ ने सांसदों से राजनीति में जनता का विश्वास बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ठोस समस्याओं के व्यावहारिक समाधान देकर ही लोकतंत्र और बाजार-आधारित आर्थिक व्यवस्था के मूल्य को जनता के सामने प्रभावी ढंग से साबित किया जा सकता है।
इनपुट DPA




