कर्तव्य पथ पर महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का जयघोष

नई दिल्ली, 19 जनवरी: 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली पूरी तरह सज चुकी है। इस वर्ष राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर समारोह को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जा रहा है। कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड में महाराष्ट्र की झांकी ‘गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक’ की थीम पर राज्य की सांस्कृतिक परंपरा और आर्थिक सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगी।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने समारोह की तैयारियों की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनके सान्निध्य में भारत की सैन्य शक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक समृद्धि का भव्य प्रदर्शन होगा।
इस वर्ष की परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें महाराष्ट्र की झांकी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। लोकमान्य तिलक द्वारा प्रारंभ किए गए सार्वजनिक गणेशोत्सव से सामाजिक चेतना और एकता की जो परंपरा शुरू हुई थी, वही आज आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर बनाने में किस प्रकार योगदान दे रही है, इसका प्रभावशाली चित्रण झांकी में किया जाएगा। गणेशोत्सव से जुड़ी करोड़ों रुपये की आर्थिक गतिविधियां, मूर्तिकारों और सजावट कलाकारों को मिलने वाला रोजगार तथा इससे बनने वाली आर्थिक श्रृंखला को भी दर्शाया जाएगा। ढोल-ताशा पथकों की गूंज और सामाजिक एकता का संदेश “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा।
सैन्य शक्ति प्रदर्शन में इस बार पहली बार ‘बैटल एरे’ (Battle Array) युद्ध संरचना को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें अर्जुन टैंक, टी-90 भीष्म, राफेल विमान और स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों का रोमांचक प्रदर्शन होगा। परेड में 18 सैन्य टुकड़ियां, 13 सैन्य बैंड और कुल 30 झांकियां शामिल रहेंगी। लगभग 2,500 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को ऑस्कर विजेता संगीतकार एम.एम. कीरावानी का संगीत और वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर की प्रभावशाली आवाज़ सजीव बनाएगी।
इस वर्ष का समारोह ‘जनभागीदारी’ की भावना पर आधारित है। करीब 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें इसरो के वैज्ञानिक, ‘लखपति दीदी’ योजना की महिलाएं और प्रगतिशील किसान शामिल हैं।
नागरिकों की सुविधा के लिए ‘राष्ट्रपर्व’ नामक विशेष पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। टिकट धारकों के लिए दिल्ली मेट्रो यात्रा निःशुल्क रहेगी। गणतंत्र दिवस के बाद 26 से 31 जनवरी तक लाल किले पर ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया जाएगा, जहां देशवासी महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपरा का भी आनंद ले सकेंगे।




