हरियाणा में स्टेट रिसर्च फंड और ‘हरियाणा ए.आई. मिशन’ की तैयारी: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

27 February, 2026, 11:31 pm

नई दिल्ली, 27 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक श्रीमती पूजा मुलाना द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण में हरियाणा के “नागरिक” शब्द पर आपत्ति जताकर हरियाणा के “निवासी” शब्द प्रयोग करने का लिखित सुझाव देना केवल शब्दों का प्रश्न नहीं है, बल्कि इनकी सोच का अंतर दर्शाता है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर उनका स्पष्ट और तर्कसंगत मत है कि “नागरिक” शब्द हमारे संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों की भावना से जुड़ा है, जबकि, “निवासी” शब्द मात्र भौगोलिक उपस्थिति का संकेत देता है। निवासी वह हो सकता है, जो किसी स्थान पर रहता हो, परंतु नागरिक वह है, जो उस प्रदेश की प्रगति, नीति-निर्माण, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सामाजिक उत्तरदायित्व में भागीदार हो।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की जनता केवल यहां रहने वाली आबादी नहीं, बल्कि इस राज्य की ताकत एवं पहचान है और भविष्य की निर्माता है।“नागरिक” शब्द प्रदेशवासियों को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है जैसे मतदान का अधिकार, कानून के प्रति सम्मान, कर दायित्व और समाज के प्रति जिम्मेदारी।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती ने देश को वीर सैनिक, परिश्रमी किसान, विश्वस्तरीय खिलाड़ी और उद्यमी दिए हैं स ऐसे गौरवशाली लोगों को “निवासी” कहकर सीमित करना, उनके योगदान का संकुचन होगा। उन्होंन कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार प्रत्येक नागरिक को सशक्त, सुरक्षित और सम्मानित बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। “हरियाणा के नागरिक” शब्द केवल संबोधन नहीं, बल्कि समान अधिकार, समान अवसर और साझा जिम्मेदारी का उद्घोष है और यही लोकतंत्र की वास्तविक आत्मा है। उन्होंने कहा कि अतः राज्यपाल महोदय के अभिभाषण में संशोधन की आवश्यकता नहीं है। “नागरिक” शब्द का अर्थ और इसकी भावना स्वतः ही स्पष्ट है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा में सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र के विकास की जरूरतों को भी उठाया है। सभी सदस्यों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि उनकी मांगों को पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।