पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में अवैध अतिक्रमण पर सख्ती की मांग, व्यापारियों का प्रशासन को अल्टीमेटम

1 March, 2026, 5:06 pm

नई दिल्ली। Delhi Vyapar Mahasangh ने पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में बढ़ते अवैध अतिक्रमण के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण सड़कों, फुटपाथों और बाजार क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां लगातार फैल रही हैं, जिससे वैध व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

महासंघ के अनुसार, स्थायी दुकानों के सामने अवैध रूप से रेहड़ी-पटरी लगाए जाने और सार्वजनिक मार्गों पर कब्जे से व्यापार प्रभावित हो रहा है। संगठन ने कहा कि माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय समय-समय पर स्पष्ट कर चुके हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अस्वीकार्य है, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर निर्देशों का पालन नहीं हो रहा।

शांतिपूर्ण मार्च के बाद बढ़ा तनाव

विज्ञप्ति में बताया गया कि इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों ने 4 फरवरी 2026 को सदर बाजार और 12 फरवरी 2026 को चांदनी चौक में पूर्णतः शांतिपूर्ण मार्च निकाले। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य अवैध अतिक्रमण से हो रही समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के सामने रखना था।

महासंघ का दावा है कि इन प्रदर्शनों के बाद चांदनी चौक क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी संचालकों द्वारा एक प्रति-मार्च आयोजित किया गया, जिसमें सरकार विरोधी नारे लगाए गए। विशेष रूप से “जो जमीन सरकारी है, वह जमीन हमारी है” जैसे नारे को संगठन ने आपत्तिजनक बताया है।

संदिग्ध तत्वों की मौजूदगी पर चिंता

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि प्रति-मार्च में शामिल कुछ व्यक्तियों की पहचान स्पष्ट नहीं थी, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर आशंकाएं उत्पन्न होती हैं। महासंघ ने मांग की है कि प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करे और यदि किसी अवैध घुसपैठ या संदिग्ध तत्वों की संलिप्तता पाई जाए तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील

महासंघ ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य केवल वैध व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा और बाजार क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। संगठन ने प्रशासन और नीति-निर्माताओं से अपील की है कि न्यायालयों के निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाए तथा सार्वजनिक मार्गों को अवरोध-मुक्त बनाया जाए, ताकि पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में सुचारु व्यापार व्यवस्था बहाल हो सके।