ईरान पर हमले को लेकर जर्मनी में सवाल: एसपीडी नेता ने अमेरिका-इज़राइल से मांगा स्पष्टीकरण
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बर्लिन, 1 मार्च 2026 (DPA)
ईरान पर अमेरिकी और इज़राइली हमलों को लेकर जर्मनी की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के भीतर सवाल उठने लगे हैं। चांसलर Friedrich Merz की गठबंधन सहयोगी पार्टी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPD) के वरिष्ठ नेता Rolf Mützenich ने अमेरिका और इज़राइल से हमलों के औचित्य को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की है।
“सबूत सार्वजनिक करें”
बर्लिन के अख़बार Der Tagesspiegel के संडे संस्करण से बातचीत में म्यूत्सेनिख ने कहा कि इज़राइल ने सैन्य कार्रवाई को “रोकथामात्मक कदम” (preventive action) बताया है, लेकिन जब तक ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए जाते, संदेह बना रहेगा।उन्होंने अमेरिकी प्रशासन से भी स्पष्टता की मांग की। म्यूत्सेनिख के अनुसार, यह समझना आवश्यक है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की वार्ता को “निरर्थक” क्यों माना गया।
संघर्ष विराम की अपील
एसपीडी नेता ने तत्काल शत्रुता रोकने की अपील की ताकि आम नागरिक सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। उन्होंने तेहरान की मौजूदा व्यवस्था की कठोरता को स्वीकार करते हुए कहा कि कई ईरानी नागरिक बदलाव चाहते हैं, लेकिन बाहरी हस्तक्षेप से स्थायी राजनीतिक परिवर्तन संभव नहीं है—खासकर ऐसे क्षेत्र में जो पहले ही अनेक सैन्य दखल और तख्तापलट का गवाह रहा है।
शनिवार को अमेरिकी और इज़राइली बलों ने ईरान में व्यापक हमले किए, जिनमें राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व तथा सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों को तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए “रोकथामात्मक” कदम बताया गया।
ये कार्रवाई जिनेवा में हुई वार्ता के दो दिन बाद हुई, जहां बातचीत में स्पष्ट प्रगति नहीं हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने मार्च की शुरुआत तक ठोस प्रगति की समय-सीमा तय की थी।
जर्मनी में यह बयान संकेत देता है कि गठबंधन सरकार के भीतर भी पश्चिम एशिया नीति को लेकर विमर्श जारी है। अंतरराष्ट्रीय कानून, कूटनीतिक प्रक्रिया और क्षेत्रीय स्थिरता—तीनों अब वैश्विक बहस के केंद्र में हैं।




