पर्यटन मंत्रालय (नार्दन रीजन) उत्तर प्रदेश टूरिज्म  के सहयोग से 7 से 9 मार्च 2026 तक झाँसी एवं आसपास के पर्यटन स्थलों का (FAM) टूर का आयोजन

10 March, 2026, 12:41 pm

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय नार्दन रीजन ने उत्तर प्रदेश टूरिज्म  के सहयोग से 7 से 9 मार्च 2026 तक झाँसी एवं आसपास के पर्यटन स्थलों में बुंदेलखंड पर्यटन हितधारक सम्मेलन तथा इसके उपरांत फेमिलराइजेशन (FAM) टूर का आयोजन किया। इस फैम टूर का मकसद बुंदेलखंड क्षेत्र की समृद्ध पर्यटन संभावनाओं को उजागर करना तथा पर्यटन हितधारकों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना है, ताकि इस क्षेत्र को एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।  

अरुण श्रीवास्तव, संयुक्त महानिदेशक एवं क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने सम्मेलन में जानकारी देते हुए बताया कि देश में टूरिज्म तेजी से बढ रहा है । रेगिस्तान, हिमालय,  गंगा , वाइल्ड लाइफ जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाए है । विदेशी पर्यटकों का हिस्सा भी 2.1 फीसदी का है । स्वदेश दर्शन , प्रसाद जैसी योजनाएं राज्य सरकारों के साथ मिलकर चलाई जा रही है । 

झांसी स्थित  नटराज सरोवर पोर्टिको  में एक कार्यक्रम  आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट, टूर गाइड, होटल व्यवसायी, होमस्टे संचालक, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि तथा पर्यटन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश पर्यटन, राज्य पुरातत्व विभाग एवं झांसी संग्रहालय के अधिकारी शामिल थे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। संदीप शुक्ला, सहायक निदेशक, पर्यटन मंत्रालय ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया। डी. के. शर्मा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, उत्तर प्रदेश पर्यटन ने क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में समेकित पर्यटन विकास की भूमिका पर प्रकाश डाला।अनिरुद्ध रावत, अध्यक्ष, बुंदेलखंड ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ने ट्रैवल ट्रेड साझेदारी के अवसरों और बुंदेलखंड को एक प्रमुख पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की रणनीतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी  के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. देवेश निगम ने पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ करने में कौशल विकास और अकादमिक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।

 अरुण श्रीवास्तव, संयुक्त महानिदेशक एवं क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने पर्यटन को सतत और समावेशी बनाने तथा ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग की भागीदारी बढ़ाने के लिए मंत्रालय द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और पहलों के बारे में जानकारी दी।कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्रालय के अवनीश कुमार, टूरिस्ट इंफॉर्मेशन ऑफिसर द्वारा मंत्रालय के निधि पोर्टल पर सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई तथा हितधारकों को राष्ट्रीय पर्यटन डेटाबेस का हिस्सा बनने के लिए पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित किया गया।