अकाली दल बादल के सरदार सुखदेव सिंह रियात अपने सैकड़ों साथियों सहित शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट में शामिल हुए

नई दिल्ली, 5 अप्रैल: दिल्ली की सिख राजनीति में अकाली दल बादल को उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पिछले 25 वर्षों से पार्टी से जुड़े रहकर अहम सेवाएं निभाने वाले, रामगढ़िया ऑल इंडिया विश्वकर्मा फेडरेशन के प्रधान सरदार सुखदेव सिंह रियात आज अपने सैकड़ों साथियों सहित शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट में शामिल हो गए।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका, महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों और पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सरदार एम.पी.एस. चड्ढा ने सरदार रियात और उनके साथियों का पार्टी में शामिल होने पर स्वागत किया। साथ ही उन्हें पार्टी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने इस मौके पर बीबी रणजीत कौर और सरदार सुखदेव सिंह बब्बर का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने सरदार रियात को पार्टी में शामिल करवाने में अहम भूमिका निभाई।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि सरदार सुखदेव सिंह रियात और उनके साथियों के पार्टी में शामिल होने से पार्टी को बड़ी मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की आने वाली चुनावों में पार्टी भारी बहुमत से ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी और सरदार रियात के आने से कम से कम 10 सीटों का और इजाफा होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि 2021 के चुनावों में दिल्ली की संगत ने कोरोना काल और किसान आंदोलन के दौरान की गई सेवाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों तथा धार्मिक गतिविधियों में निभाई गई भूमिका के आधार पर उन्हें जीत दिलाई, जिससे उनके 30 सदस्य चुनाव जीतकर आए।उन्होंने आगे कहा कि उस समय पंजाब की अकाली दल की नेतृत्व ने उन पर सरना भाइयों और मनजीत सिंह जी.के. के साथ गठबंधन करने का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया और दिल्ली की संगत के फैसले का सम्मान करते हुए शुद्ध धार्मिक पार्टी “शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट” का गठन किया।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को संगत का भरपूर समर्थन मिला है और वे किसी भी तरह की राजनीतिक चालों से दूर रहकर केवल संगत की सेवा के विश्वास के साथ काम कर रहे हैं। पिछले 4 वर्षों में पार्टी द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।







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