राज्यसभा में संत सीचेवाल ने पंजाब के विकास के लिए रुके फंड तुरंत जारी करने की मांग उठाई

चंडीगढ़ , 13 मार्च । राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट पर चल रही चर्चा के दौरान पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। संत सीचेवाल ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि पंजाब के ग्रामीण विकास के लिए करीब 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक के फंड केंद्र सरकार की फाइलों में रुके हुए हैं।
संत बलबीर सिंह ने राज्यसभा में बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेज-3 के तहत पंजाब में लगभग 828 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर हुए थे, जिनके अंतर्गत 64 सड़कों और 38 पुलों का निर्माण होना था। लेकिन एफडीआर तकनीक से बनने वाली ये सड़कें और पुल पिछले छह–सात महीनों से टेंडर प्रक्रिया में ही अटके हुए हैं और काम शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि गांवों की सड़कें ही विकास की जीवन रेखा होती हैं और जब ये काम रुक जाते हैं तो गांवों का समग्र विकास भी रुक जाता है।
संत सीचेवाल ने कहा कि गांवों में सड़कें, पानी की सप्लाई, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य विकास योजनाओं का सीधा संबंध रूरल डेवलपमेंट फंड से है। जब यह फंड रुक जाता है तो गांवों में लगभग हर तरह का विकास प्रभावित हो जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि पंजाब का रुका हुआ फंड तुरंत जारी किया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्य दोबारा शुरू हो सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फंड रोककर सजा पंजाब के लोगों को दी जा रही है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान गांवों के किसानों और मजदूरों को हो रहा है।
संत सीचेवाल ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यहां का किसान और मजदूर देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को पंजाब के साथ भेदभाव करने की बजाय उसके हक के फंड तुरंत जारी करने चाहिए, ताकि गांवों में रुके हुए विकास कार्य फिर से शुरू हो सकें।




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